Farmers Tractors Buying Tips: खेती-किसानी के काम को आसान और मुनाफे वाला बनाने के लिए सही ट्रैक्टर का चुनाव करना सबसे बड़ा फैसला होता है. खासकर जब बात 15 बीघा जैसे खेत की हो. तो अक्सर किसान भाई इस उलझन में रहते हैं कि कितने हॉर्सपावर (HP) का ट्रैक्टर उनके लिए बेस्ट रहेगा. ट्रैक्टर चुनते समय सिर्फ उसकी ताकत ही नहीं बल्कि जमीन की बनावट, मिट्टी के प्रकार और आप कौन से उपकरण इस्तेमाल करने वाले हैं.
यह सब देखना बहुत जरूरी है. अगर आप अपनी जरूरत से बहुत ज्यादा बड़ा ट्रैक्टर ले लेंगे तो डीजल का खर्चा बढ़ जाएगा और बहुत छोटा लेंगे तो काम समय पर पूरा नहीं होगा. इसलिए, सोच-समझकर लिया गया फैसला न केवल आपके समय की बचत करेगा. बल्कि लंबे समय में आपकी जेब को भी फायदा पहुंचाएगा. जान लीजिए अपने फायदे की बात.
सही हॉर्स पावर चुनना जरूरी
15 बीघा जमीन के लिए आमतौर पर 30 से 45 एचपी (HP) तक के ट्रैक्टर सबसे सही माने जाते हैं. इसकी रेंज इतनी होती है कि आप इससे जुताई, बुवाई और ढुलाई जैसे काम बड़ी आसानी से निपटा सकते हैं. अगर आपकी मिट्टी सख्त है या आप कल्टीवेटर और रोटावेटर जैसे भारी यंत्रों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.
तो 40-45 एचपी का विकल्प चुनना ज्यादा समझदारी होगी. वहीं, हल्की मिट्टी और सामान्य कामों के लिए 30-35 एचपी का ट्रैक्टर भी शानदार परफॉर्मेंस देता है और डीजल की भी काफी बचत करता है. सही हॉर्सपावर का चयन करने से इंजन पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और ट्रैक्टर की लाइफ भी लंबी बनी रहती है.
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बजट और मेंटेनेंस का रखें ध्यान
ट्रैक्टर खरीदने से पहले केवल उसकी कीमत ही नहीं. बल्कि उसके बाद होने वाले मेंटेनेंस के खर्चों पर भी गौर करना चाहिए. एक किसान के तौर पर आपको ऐसा मॉडल चुनना चाहिए जिसके स्पेयर पार्ट्स आसानी से उपलब्ध हों और सर्विस सेंटर आपके घर के पास हो. 15 बीघा की खेती के लिए मध्यम रेंज वाले ट्रैक्टरों का मेंटेनेंस खर्च बड़े ट्रैक्टरों के मुकाबले काफी कम होता है.
तो इसके साथ ही खरीदने से पहले माइलेज यानी प्रति घंटा तेल कितना खाएगा इसे भी चेक जरूर कर लें. आज के दौर में ऐसे कई मॉडर्न ट्रैक्टर आ रहे हैं. जो कम ईंधन में ज्यादा ताकत देते हैं. सही बजट प्लानिंग से आप कर्ज के बोझ से बचकर खेती को फायदे का सौदा बना सकते हैं.
मार्डन फीचर्स की ओर जाएं
आजकल के ट्रैक्टर केवल जुताई के लिए ही नहीं होते हैं. इसलिए पावर स्टीयरिंग, हाइड्रोलिक लिफ्टिंग कैपेसिटी और पीटीओ (PTO) पावर जैसे फीचर्स को जरूर चेक करें. पीटीओ की ताकत ॉ तय करती है कि आपका ट्रैक्टर थ्रेशर या वाटर पंप जैसे उपकरणों को कितने सही तरीके से चला पाएगा. इसके अलावा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर खरीदें.
अगर आप आने वाले समय में कुछ और जमीन लीज पर लेने या किराए पर ट्रैक्टर चलाने का सोच रहे हैं. तो थोड़े बेहतर कॉन्फ़िगरेशन वाला मॉडल लेना लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट होगा. सही तकनीक और फीचर्स वाला ट्रैक्टर आपकी मेहनत को आधा कर देता है और फसल की पैदावार बढ़ाने में सीधा योगदान देता है.
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