Thursday, May 14, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारखेत में इस ट्रिक के साथ उगाएं सफेद सोना, पूरे साल भारी...

खेत में इस ट्रिक के साथ उगाएं सफेद सोना, पूरे साल भारी रहेगी जेब


Cotton Cultivation Tips: खेती की दुनिया में कपास को सफेद सोना कहा जाता है और यह नाम इसे यूं ही नहीं मिला है. अगर आप सही स्ट्रैटेजी और मॉडर्न तकनीक के साथ कपास की खेती करते हैं, तो यह आपकी किस्मत बदलने की ताकत रखती है. आज के दौर में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की बढ़ती डिमांड ने कपास को एक बेहतरीन कैश क्रॉप बना दिया है. 

खारीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही इसकी बुवाई का सही वक्त आ जाता है. बस आपको पारंपरिक खेती के ढर्रे से बाहर निकलकर कुछ स्मार्ट ट्रिक्स और लेटेस्ट वैरायटीज पर फोकस करना होगा. जान लीजिए इसकी खेती का सही तरीका.

बीटी-2 वैरायटी सबसे बेस्ट

कपास की खेती में सबसे बड़ा खेल बीज का चुनाव होता है. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स के मुताबिक बीटी-2 जैसी उन्नत किस्मों का इस्तेमाल करना सबसे स्मार्ट चॉइस है. क्योंकि यह गुलाबी सुंडी जैसे खतरनाक कीटों से फसल को सुरक्षा देती है. बुवाई के लिए मई से लेकर 15 जून तक का समय सबसे परफेक्ट माना जाता है. 

इस समय बोई गई फसल को बढ़ने के लिए पूरा वक्त मिलता है और मॉनसून की बारिश का भी सही फायदा होता है. मिट्टी की बात करें तो गहरी काली मिट्टी कपास के लिए बेस्ट है. लेकिन ध्यान रहे कि खेत में जल निकासी का सिस्टम टकाटक होना चाहिए जिससे पानी जमा न हो.

यह भी पढ़ें: अदरक की खेती से हर साल होगी लाखों की कमाई, बस इन बातों को ध्यान में रख करें बुवाई

लाइन से लाइन की दूरी 

ज्यादा पैदावार लेने की असली ट्रिक सही स्पेसिंग और न्यूट्रिशन मैनेजमेंट में छिपी है. बीटी कॉटन के लिए लाइन से लाइन की दूरी 3 से 4 फीट और पौधों के बीच 1 से 2 फीट का गैप रखना चाहिए. इससे पौधों को हवा और धूप बराबर मिलती है, जिससे टिंडे बड़े और वजनदार बनते हैं. खाद के मामले में मिट्टी की जांच जरूर कराएं. 

लेकिन आमतौर पर प्रति एकड़ 50-60 किलो नाइट्रोजन, 25-30 किलो फास्फोरस और पोटाश का इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही, जिंक सल्फेट और मैग्नीशियम सल्फेट का छिड़काव फसल को पीला पड़ने से बचाता है और इसकी चमक बरकरार रखता है. जिससे मार्केट में दाम अच्छा मिलता है.

कमाई का सॉलिड फॉर्मूला

कपास की फसल में सबसे बड़ी चुनौती कीटों से निपटना है. इसके लिए आपको इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट अपनाना चाहिए. खेत में फेरोमोन ट्रैप लगाएं और मित्र कीटों को बढ़ावा दें जिससे रसायनिक दवाओं पर खर्च कम हो. सिंचाई का मैनेजमेंट ऐसा रखें कि फूल आते समय और टिंडे बनते समय नमी बनी रहे. 

कमाई की बात करें तो एक एकड़ में कपास की अच्छी फसल से 10 से 15 क्विंटल तक पैदावार ली जा सकती है. अगर मार्केट रेट सही रहा तो लागत काटकर आप लाखों का मुनाफा आसानी से जेब में डाल सकते हैं. 

यह भी पढ़ें: बिना गारंटी के पशुपालन के लिए मिलेगा लोन, गाय-भैंस पालने वाले किसानों की चमकेगी किस्मत



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments