Wednesday, May 20, 2026
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फसलों पर कीटों का अटैक? ब्रह्मास्त्र की तरह काम करता है नीमास्त्र, घर पर ऐसे बनाएं


Crop Protection Tips: खेती-किसानी में फसलों पर कीटों का हमला सबसे बड़ी सिरदर्दी बन चुका है और इससे निपटने के लिए किसान धड़ल्ले से महंगे रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव करते हैं. ये केमिकल न सिर्फ मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को खत्म करते हैं बल्कि हमारी सेहत और जेब दोनों पर भारी पड़ते हैं. ऐसे में प्राकृतिक खेती का रुख करना समझदारी है 

जहां बिना एक भी रुपया खर्च किए आप अपने घर पर ही बेहद असरदार जैविक कीटनाशक तैयार कर सकते हैं. जब फसलों पर खतरनाक कीड़ों और सुंडियों का तगड़ा अटैक हो जाए तो उस वक्त यह देसी घोल ब्रह्मास्त्र की तरह एक अचूक हथियार की तरह काम करता है. जान लीजिए कैसे इसे घर पर ही बनाया जा सकता है.

ब्रह्मास्त्र बनाने का आसान तरीका

इस असरदार जैविक कीटनाशक को घर पर तैयार करना बेहद आसान है और इसके लिए बाजार से कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में लगभग दस लीटर देसी गाय का गोमूत्र लें. अब इसमें करीब तीन किलो नीम की हरी पत्तियों को अच्छी तरह पीसकर डाल दें. 

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इसके साथ ही आपको अपने आसपास मिलने वाले पौधों जैसे अमरूद, आम, पपीता या सीताफल में से किन्हीं दो पेड़ों की दो-दो किलो पत्तियां पीसकर इस गोमूत्र में मिक्स करनी होंगी. इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर अच्छी तरह उबालें. जब इसमें दो-तीन बार उबाल आ जाए तो इसे उतारकर लगभग अड़तालीस घंटे के लिए ठंडी जगह पर रख दें. दो दिन बाद इस ठंडे घोल को सूती कपड़े से छान लें और आपका कीटनाशक तैयार है.

फसलों पर इसका इस्तेमाल 

तैयार इस प्राकृतिक ब्रह्मास्त्र घोल को आप मिट्टी या प्लास्टिक के बर्तनों में भरकर आराम से छह महीने तक सुरक्षित स्टोर करके रख सकते हैं. जब भी आपकी खड़ी फसल पर रस चूसने वाले कीड़ों या छोटी इल्लियों का असर दिखाई दे तो इसका छिड़काव तुरंत शुरू कर दें. इसके इस्तेमाल के लिए एक एकड़ खेत हेतु लगभग तीन लीटर ब्रह्मास्त्र घोल को सौ लीटर साफ पानी में अच्छी तरह मिलाकर स्प्रे मशीन की मदद से पौधों पर छिड़कें. 

मिलते हैं यह फायदे

यह प्राकृतिक रसायन कीटों को अंडों से बाहर निकलने से रोकता है और उनके प्रजनन चक्र को पूरी तरह तोड़ देता है. खास बात यह है कि इसके इस्तेमाल से फसल को जहर मुक्त बनाया जा सकता है जिससे किसानों की लागत जीरो हो जाती है और पैदावार भी बहुत शानदार मिलती है.

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