July Farming Tips: खेती-किसानी की दुनिया में एंट्री करने वाले नए किसानों के लिए जुलाई का महीना किसी बड़े मौके से कम नहीं है क्योंकि मानसून की बारिश मिट्टी को नया जीवन देती है. अगर आप इस मौसम में सही फसलों का चुनाव करते हैं तो कम लागत में भी बंपर मुनाफा कमाना बेहद आसान हो जाता है. अक्सर नए किसान समझ नहीं पाते कि इस समय पारंपरिक अनाजों की तरफ जाएं या कुछ अलग ट्राई करें तो उनके लिए बेल वाली सब्जियां एक फायदे का सौदा साबित हो सकती हैं.
जुलाई के इस खास सीजन में लोफा यानी तोरई, करेला, लौकी, कद्दू और खीरा जैसी हरी सब्जियों की बुवाई करना सबसे बेस्ट माना जाता है. इन फसलों की खासियत यह है कि यह बहुत तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में इनकी डिमांड हमेशा हाई रहती है जिससे आपकी जेब कभी खाली नहीं रहेगी.
बेल वाली सब्जियों से होगी तगड़ी कमाई
बारिश के इस मौसम में बेल वाली सब्जियों को उगाना सबसे ज्यादा मुनाफे का सौदा माना जाता है. क्योंकि इन्हें बढ़ने के लिए जरूरी नमी और सही तापमान प्राकृतिक रूप से मिल जाता है. नए किसान भाई अपने खेतों में इस समय तोरई, लौकी और करेले जैसी बेहतरीन सब्जियों की बुवाई बड़े आराम से कर सकते हैं. इन फसलों को लगाने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इनकी लताएं तेजी से फैलती हैं और बहुत ही कम समय में यानी करीब पचास से साठ दिनों के भीतर इनमें फल आने शुरू हो जाते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
बस आपको इस बात का खास ख्याल रखना होगा कि खेतों में जलभराव की समस्या बिल्कुल न हो क्योंकि ज्यादा पानी जमा होने से पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं. अगर आप सही जल निकासी वाले खेतों में इनकी बुवाई करते हैं तो मानसून की बूंदें इन फसलों के लिए अमृत की तरह काम करेंगी और आपको शुरुआती सीजन में ही बेहतरीन पैदावार देखने को मिलेगी.
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कम समय में बंपर मुनाफा
कद्दू और खीरा जैसी सब्जियां भी इस महीने आपके लिए किसी लाइफ चेंजर से कम नहीं हैं क्योंकि इनकी डिमांड हर घर की रसोई से लेकर बड़े होटलों और मंडियों में लगातार बनी रहती है. कद्दू की फसल की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है जिससे अगर मार्केट में रेट कम भी हो तो आप इसे बाद में अच्छे दामों पर बेच सकते हैं. वहीं दूसरी तरफ खीरा बहुत ही कम दिनों में तैयार होने वाली शॉर्ट-टर्म फसल है. जो किसानों को हर दूसरे-तीसरे दिन कैश इनकम देना शुरू कर देती है.
नए किसानों के लिए फायदेमंद
नए किसानों के लिए यह दोनों ही फसलें रिस्क फ्री और ज्यादा रिटर्न देने वाली साबित होती हैं क्योंकि इनमें शुरुआत में बहुत ज्यादा देखरेख या महंगे फर्टिलाइजर्स की जरूरत नहीं पड़ती है. अगर आप भी इस जुलाई अपनी किस्मत बदलना चाहते हैं तो पारंपरिक खेती के चक्रव्यूह से बाहर निकलकर इन पांच बेल वाली सब्जियों को अपने खेतों में जगह दें.
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