
कई लोगों के दिमाग में यह सवाल आता है कि आखिर ये फार्मर रजिस्ट्री क्या है, ऐसे में आपके बता दें कि इसके तहत हर किसान को एक यूनिक पहचान संख्या दी जाती है, जिसे फार्मर आईडी कहा जाता है. यह आईडी आपके आधार कार्ड, आपकी जमीन के रिकॉर्ड, और आपकी बैंक डिटेल को आपस में जोड़ती है. इससे सरकार को यह पता चल जाता है कि कौन किसान सच में खेती करता है और कितनी जमीन का मालिक है. इसे डिजिटल इंडिया की उस मुहिम का हिस्सा माना जा सकता है, जिसमें किसानों का पूरा डेटा एक जगह जमा किया जा रहा है, ताकि गलत लोगों को योजनाओं का फायदा न मिल सके और जरूरतमंद किसान तक सही समय पर मदद पहुंच सके.

अब सबसे जरूरी सवाल यह है कि अगर फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाई तो क्या होगा. जिन लोगों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है उनका पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त रुक सकती है. हर साल इस योजना के तहत किसानों को दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में पैसा मिलता है, यानी सालाना 6,000 रुपये. वहीं अगर रजिस्ट्री नहीं हुई, तो यह पैसा मिलना बंद हो जाएगा. इसके अलावा फसल बीमा योजना, सरकारी खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड, और समर्थन मूल्य पर फसल बेचने जैसी सुविधाओं का फायदा भी सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है.
Published at : 20 Jun 2026 04:29 PM (IST)


