Monday, June 22, 2026
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Farmer Friendly Birds: उल्लू से लेकर चमगादड़ तक… ये पशु-पक्षी होते हैं किसानों के दोस्त, जानें कैसे पहुंचाते हैं फायदा


Farmer Friendly Birds: खेती की बात आते ही अक्सर सबसे पहले बीज, खाद, सिंचाई और कृषि से जुड़ी चीजों का ख्याल आता है. लेकिन खेती को सफल बनाने में कुछ ऐसे प्राकृतिक साथी भी बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं, जिनका जिक्र अक्सर नहीं होता है. कई पक्षी, किट और जीव बिना किसी खर्च के किसानों की मदद करते हैं. यह फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और चूहों को कंट्रोल करते हैं. परागण में मदद करते हैं और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी योगदान देते हैं. ऐसे में चलिए आज आपको बताते हैं कि उल्लू से लेकर चमगादड़ तक कौन से पशु-पक्षियों किसानों के दोस्त होते हैं और यह कैसे फायदा पहुंचाते हैं. 

किसानों का वफादार साथी उल्लू 

गांव में रात के समय अक्सर उल्लू की आवाज सुनाई देती हैं. भले ही पुराने समय में इसे अशुभ माना जाता रहा हो, लेकिन कृषि एक्सपर्ट इसे किसानों के लिए जरूरी मित्र बताते हैं. उल्लू रात में एक्टिव रहते हैं और खेतों में चूहों, गिलहरियों और कई हानिकारक कीटों का शिकार करता है. चूहे किसानों की फसलों और अनाज को भारी नुकसान पहुंचाते हैं. उल्लू अपनी तेज नजर और सुनने की क्षमता की वजह से अंधेरे में भी आसानी से शिकार कर लेता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार एक उल्लू साल भर में हजार चूहाें और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों का शिकार कर सकता है. यही वजह है कि कई कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेतों के आसपास ऊंचे पेड़ या लकड़ी के स्टैंड लगाने की सलाह देते हैं, ताकि उल्लू वहां बैठकर शिकार कर सके. 

चमगादड़ भी करते हैं फसलों की रक्षा 

अक्सर लोग चमगादड़ को लेकर नेगेटिव सोच रखते हैं, लेकिन खेती में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. कई प्रजातियों के चमगादड़ कीटभक्षी होते हैं और रात में बड़ी संख्या में कीड़ों को खा जाते हैं. यह पतंगे, भृंग और ऐसे दूसरे कीड़ों का शिकार करते हैं जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे किसानों को कीटनाशकों का कम इस्तेमाल करना पड़ता है. कुछ प्रजातियां परागण और बीज फैलाने का काम भी करती है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बना रहता है. 

मधुमक्खियां बढ़ाती है फसलों की पैदावार 

मधुमक्खियों को प्रकृति का सबसे महत्वपूर्ण परागण कर्ता माना जाता है. फल, सब्जियां, तिलहन और कई अन्य फैसले परागण के लिए मधुमक्खियों पर निर्भर रहती है. जब मधुमक्खियां फूलों से पराग और रस एकत्र करती है. तब वह एक पौधे से दूसरे पौधे तक पराग पहुंचाती है. इससे फलों और बीजों का विकास बेहतर होता है और पैदावार बढ़ती है. 

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लेडीबग करती है कीटों का सफाया 

छोटे आकार में दिखने वाली लेडीबग भी किसानों के लिए काफी उपयोगी होते हैं. यह एफिड्स मिलीबग और हानिकारक कीटों को खाती है, जो फसलों पर हमला करते हैं. एक लेडीबग रोजाना दर्जनों एफिड्स को खा सकते हैं. यही कारण है कि किसान और बागवानी एक्सपर्ट कीट नियंत्रण के लिए इनका संरक्षण करते हैं. 

केंचुए बनाते हैं मिट्टी को उपजाऊ 

केंचुआ को भूमिगत कृषि मजदूर भी कहा जाता है. यह मिट्टी में सुरंग बनाकर हवा और पानी के प्रवाह को बेहतर बनाते हैं. केंचुए की एक्टिविटी से जैविक  पदार्थ तेजी से टूटते हैं और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध होते हैं. हेल्दी केंचुआ आबादी को उपजाऊ मिट्टी का संकेत माना जाता है.

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