
कानूनी रूप से जमीन का बंटवारा राजस्व न्यायालय के माध्यम से किया जाता है, जिसकी जिम्मेदारी तहसीलदार या नायब तहसीलदार के स्तर पर होती है, इसलिए अगर कोई व्यक्ति केवल पटवारी के भरोसे बैठा है, तो उसका मामला लंबे समय तक अटक सकता है.

कानूनी रूप से जमीन का बंटवारा राजस्व न्यायालय के माध्यम से किया जाता है, जिसकी जिम्मेदारी तहसीलदार या नायब तहसीलदार के स्तर पर होती है, इसलिए अगर कोई व्यक्ति केवल पटवारी के भरोसे बैठा है, तो उसका मामला लंबे समय तक अटक सकता है.