Kisan Credit Card Rules : देश के किसानों को खेती के लिए समय पर सस्ता और आसान लोन मिल सके, इसी उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना शुरू की गई थी. इस योजना के तहत किसान बीज, खाद, कीटनाशक खरीदने के साथ-साथ खेती और उससे जुड़े दूसरे जरूरी कामों के लिए कम ब्याज पर लोन ले सकते हैं. अगर किसान समय पर लोन चुका देते हैं, तो उन्हें ब्याज में भी छूट का फायदा मिलता है. हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं. अब फसल सीजन की नई अवधि तय की गई है, जिससे लोन देने और वापस लेने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और एक जैसी हो सके. ये नए नियम जनवरी 2027 से लागू होंगे. ऐसे में अगर आप किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जान लेना जरूरी है कि कौन इस योजना का फायदा ले सकता है और किन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बन सकता है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि किन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनता है.
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत साल 1998 में की गई थी. इसका उद्देश्य किसानों को खेती और इससे जुड़े कामों के लिए समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. इस योजना के तहत किसान खेती की जरूरतों के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए भी लोन ले सकते हैं. सरकार की ब्याज सहायता योजना के तहत किसानों को 7 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर लोन मिलता है. अगर किसान तय समय पर पूरा लोन चुका देते हैं, तो उन्हें 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का फायदा मिलता है. इससे प्रभावी ब्याज दर घटकर सिर्फ 4 प्रतिशत रह जाती है.
आरबीआई ने क्या बदला है?
आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव किया है. अब फसल का समय सभी के लिए एक जैसा तय कर दिया गया है. नई व्यवस्था के अनुसार, कम समय में तैयार होने वाली फसलों के लिए फसल सीजन 12 महीने और ज्यादा समय लेने वाली फसलों के लिए 18 महीने माना जाएगा. फसल सीजन का मतलब बीज बोने से लेकर फसल की कटाई और उसे मंडी या बाजार में बेचने तक का पूरा समय होता है. इस बदलाव से किसानों को लोन चुकाने के लिए तय समय मिलेगा, वहीं बैंकों के लिए भी लोन की वसूली करना आसान होगा.
किन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनता है?
किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए सरकार की कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं. अगर कोई व्यक्ति इन शर्तों को पूरा नहीं करता, तो उसका आवेदन मंजूर नहीं किया जाता है. 18 साल से कम उम्र के लोग KCC के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं. 75 साल से ज्यादा उम्र के लोग तभी आवेदन कर सकते हैं, जब उनके साथ कोई पात्र को-बॉरोअर हो. इसके अलावा जो लोग खेती या उससे जुड़े काम नहीं करते, वे इस योजना का फायदा नहीं ले सकते हैं. वहीं जिनके पास जमीन से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट्स या अन्य जरूरी प्रमाण नहीं हैं, उनका KCC नहीं बनता है. साथ ही, जो योजना की तय पात्रता पूरी नहीं करते, उन किसानों का भी किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनता है.
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किन किसानों को मिलता है योजना का फायदा?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना का फायदा कई तरह के किसान उठा सकते हैं. इसमें अपनी खेती की जमीन वाले किसान, मिलकर खेती करने वाले किसान, बटाई पर या किराये की जमीन पर खेती करने वाले किसान, किसान स्वयं सहायता समूह (SHG), संयुक्त देयता समूह (JLG), डेयरी, पशुपालन, पोल्ट्री और मत्स्य पालन से जुड़े किसान शामिल हैं. इसके अलावा, पीएम किसान योजना के लाभार्थी भी तय पात्रता पूरी करने पर किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा ले सकते हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी हैं?
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय किसानों को कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं. इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान और पते का प्रमाण, खेती की जमीन से जुड़े डॉक्यूमेंट, बोई जाने वाली फसल की जानकारी, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर और बैंक की ओर से मांगे गए जरूरी डॉक्यूमेंट शामिल हैं.
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