Paddy Farming Tips: धान की खेती करने वाले किसानों के लिए सबसे बड़ी परेशानी होती है खेत में उगने वाले अनचाहे खरपतवार. ये जंगली घास और पौधे धान की मुख्य फसल का सारा पोषण खुद खींच लेते हैं. जिससे पैदावार पर बहुत बुरा असर पड़ता है. कई बार तो महंगे मजदूरों को लगाकर निंदाई-गुड़ाई कराने के बाद भी खरपतवार पूरी तरह खत्म नहीं होते और लागत बढ़ती जाती है.
लेकिन अब आपको इस बात की बिल्कुल भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. कृषि वैज्ञानिकों ने एक ऐसी कमाल की और बेहद सस्ती दवा सुझाई है. जिसका इस्तेमाल अगर आप सही समय पर कर लेते हैं. तो आपके खेत से घास-फूस का नामोनिशान मिट जाएगा. धान की रोपाई या बुवाई के ठीक 10 दिन बाद किया गया यह छोटा सा उपाय आपकी फसल को एकदम सुरक्षित और शानदार बना देगा.
खरपतवार खत्म करने वाली इस दवा का नाम
धान के खेत को खरपतवार मुक्त बनाने के लिए जिस सबसे असरदार और सस्ती दवा की बात हो रही है. उसका नाम है पायराज़ोसल्फ्यूरॉन इथाइल 10% डब्ल्यूपी. यह एक बेहद आधुनिक और चुनिंदा खरपतवार नाशी है. जो धान की फसल को बिना कोई नुकसान पहुंचाए केवल कटीली घास, मोथा और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को जड़ से खत्म करती है.
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बाजार में बहुत ही किफायती दामों पर मिल जाती है. इसे इस्तेमाल करने के बाद आपको खेत में बार-बार मजदूर लगाकर कोड़ाई कराने की जरूरत नहीं पड़ती है. जिससे आपकी मेहनत और पैसा दोनों की बड़ी बचत होती है.
यह भी पढ़ें: किस सीजन में कर सकते हैं कीवी की खेती, लाखों रुपये की होगी इनकम
1 एकड़ खेत के लिए इतना छिड़काव करें
इस दवा का पूरा फायदा उठाने के लिए इसकी सही मात्रा और सही टाइमिंग का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. 1 एकड़ धान के खेत के लिए सिर्फ 100 ग्राम दवा ही काफी होती है. इसे इस्तेमाल करने के लिए 100 ग्राम दवा को लगभग 150 से 200 लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें और फिर पूरे खेत में एक समान रूप से छिड़काव करें.
ध्यान रहे कि छिड़काव के समय खेत में हल्का कीचड़ या नमी होनी चाहिए. लेकिन बहुत ज्यादा पानी भरा नहीं होना चाहिए. दवा डालने के बाद अगले 2 से 3 दिनों तक खेत में हल्का पानी रोककर रखें जिससे दवा अपनी पूरी ताकत से काम कर सके. जिससे उत्पादन में अच्छा फायदा देखने को मिलता है.
यह भी पढ़ें: गांव में है जमीन तो खोल सकते हैं बीज भंडार, जानें लाइसेंस का पूरा प्रोसेस


