Spinach Farming: आजकल किसान ऐसी फसलों की खेती को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं, जो कम लागत में जल्दी तैयार हो जाती है. ऐसी फसलों में पालक भी शामिल है, यह ऐसी पत्तेदार सब्जी है, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. घरों से लेकर होटल रेस्टोरेंट, सब्जी मंडियों और सुपरमार्केट तक पालक की लगातार खपत होती है.
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि बुवाई के करीब 25 से 40 दिनों के अंदर ही पहली कटाई की जा सकती है, जिससे किसान इससे कम समय में बेचकर जल्दी कमाई शुरू कर सकते हैं और उस पैसे से अगली फसल की तैयारी भी कर सकते हैं. ऐसे में चलिए अब हम आपको बताते हैं कि पालक की खेती कम समय में ज्यादा मुनाफा कैसे देती है और इसकी शुरुआत कैसे कर सकते हैं.
क्यों फायदे का सौदा मानी जाती है पालक की खेती?
पालक की फसल तेजी से तैयार होती है, इसलिए इसमें दूसरी कई सब्जियों की तुलना में कम इंतजार करना पड़ता है. एक बार तैयार होने के बाद किसान जल्द ही उसे बाजार में बेच सकते हैं. यही वजह है कि इसे तेजी से कमाई देने वाली फसलों में गिना जाता है. वहीं इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यह महज 25 से 40 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी बाजार में पूरे साल मांग रहती है. इसके अलावा कम लागत में इसकी खेती शुरू कर जा की जा सकती है. कई किस्म में एक ही पौधे से कई बार कटाई भी की जा सकती है और छोटे खेतों और सीमित जमीन पर भी इसकी खेती आसानी से की जा सकती है.
पालक के लिए कौन सी मिट्टी सबसे बेहतर होती है?
पालक की अच्छी पैदावार के लिए उपजाऊ भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे बेहतर मानी जाती है. खेत में पानी रुकना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. मिट्टी का पीएच स्तर लगभग 6 से 7 के बीच होना सही माना जाता है. बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुटाई करें, उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद या जैविक खाद भी मिलानी चाहिए, इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधे की शुरुआत की ग्रोथ बेहतर होती है.
कब करें पालक की बुवाई?
पालक की खेती लगभग पूरे साल की जा सकती है, लेकिन सितंबर से मार्च के बीच का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. ठंडे मौसम में इसकी बढ़वार बेहतर होती है. बीजों की बुवाई सीधे खेत में की जा सकती है, बीजों को लगभग 2 से 4 सेंटीमीटर गहराई पर बोना चाहिए. पंक्ति से पंक्ति की दूरी करीब 20 से 30 सेंटीमीटर और पौधों के बीच 5 से 10 सेंटीमीटर की दूरी रखना बेहतर रहता है. कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार बुवाई से पहले बीजों को 12 से 24 घंटे तक पानी में भिगो देने से अंकुरण भी बेहतर होता है.
पालक की पहली कटाई कब करें?
पालक की पहली कटाई आमतौर पर बुवाई के 25 से 30 दिनों के बाद की जा सकती है. जब पत्तियां पूरी तरह हरी, मुलायम और बाजार में बेचने लायक आकार की हो जाए, तभी उनकी कटाई करनी चाहिए. कई किसान कट एंड कम अगेन तकनीक अपनाते हैं. इसमें पूरे पौधे को उखाड़ने के बजाय केवल बाहरी पत्तियां काटी जाती है, इससे पौधा दोबारा नई पत्तियां निकलता है और एक ही फसल से कई बार कटाई की जा सकती है. इससे उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ जाते हैं. वहीं पालक की कटाई हमेशा सुबह के समय करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि उस समय पत्तियां ज्यादा ताजी रहती है.
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