Light Trap Technique: खरीफ सीजन में बारिश के साथ खेतों में कीट-पतंग का हमला भी बढ़ जाता है. फसल को बचाने के लिए किसान बार-बार रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव करते हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ती है और फसल के साथ-साथ मिट्टी पर भी इसका असर पड़ता है. ऐसे में कृषि एक्सपर्ट्स किसानों को एक आसान और कम खर्च वाला तरीका अपनाने की सलाह देते हैं, जिसे लाइट ट्रैप कहा जाता है. इस तकनीक की मदद से बिना बार-बार दवा का छिड़काव किए खेतों में नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों की संख्या को बहुत काम किया जा सकता है.
क्या है लाइट ट्रैप तकनीक?
लाइट ट्रैप एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है, जो कीड़ों के प्राकृतिक व्यवहार पर आधारित है. ज्यादातर हानिकारक कीट रात के समय रोशनी की ओर आकर्षित होते हैं. इसी विशेषता का उपाय करते हुए खेत में ऊंचाई पर एक बल्ब या सोलर लाइट लगाई जाती है और उसके ठीक नीचे पानी से भरा एक चौड़ा टब रखा जाता है. रात में जैसे ही बल्ब जलता है, कीड़े उसकी रोशनी की ओर उड़ कर आते हैं. वहीं रोशनी के आसपास मंडराते समय वे नीचे रखे पानी में गिर जाते हैं और बाहर निकल नहीं पाते हैं. इस तरह से बड़ी संख्या में कीड़े बिना किसी रासायनिक दवा के खत्म हो जाते हैं.
बारिश के मौसम में ज्यादा असरदार
कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार बरसात के दौरान कीड़ों की संख्या और कीड़ों की एक्टिविटी सबसे ज्यादा रहती है. यही वजह है कि खरीफ फसलों में इस तकनीक का सबसे बेहतर परिणाम देखने को मिलता है. अगर खेत में अलग-अलग स्थान पर लाइट ट्रैप लगाया जाए तो कीड़ों की संख्या तेजी से कम हो सकती है. इससे फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों की अगली पीढ़ी बनने की संभावना भी कम हो जाते हैं.
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ऐसे तैयार करें लाइट ट्रैप
इस तकनीक को अपनाने के लिए किसी महंगे डिवाइस की जरूरत नहीं होती है. किसान बिजली से चलने वाले बल्ब, बैटरी वाली लाइट या सोलर लाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं. बल्ब को फसल की ऊंचाई से थोड़ा ऊपर लगाया जाता है, ताकि उसकी रोशनी दूर तक फैले. वहीं बल्ब के नीचे पानी से भरा टब रखा जाता है. कई एक्सपर्ट इसमें थोड़ा पुराना डीजल, पेट्रोल या कुछ बूंदे कीटनाशक मिलाने की भी सलाह देते हैं, ताकि पानी का सतही तनाव कम हो जाए और उसमें गिरने वाले कीट बाहर न निकल सके.
कब जलानी चाहिए लाइट?
एक्सपर्ट्स के अनुसार लाइट ट्रैप का सबसे अच्छा रिजल्ट रात 7 बजे से 10 बजे के बीच मिलता है. इसी समय ज्यादातर नुकसान करने वाले कीड़े एक्टिव रहते हैं. सुबह होने पर टब में गिरे कीड़ों को निकाल कर नष्ट कर देना चाहिए. इसके अलावा लाइट ट्रैप का उपयोग धान, मक्का, कपास, सोयाबीन, दलहन और बागवानी फसलों में किया जाता है. इसकी मदद से कई तरह के नुकसानदायक कीड़ों की संख्या कम हो जाती है.
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