Thursday, August 13, 2026
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तमिलनाडु में तीन दलों ने यूं ही नहीं दिया विजय को समर्थन; 1-1-1 और 2 वाली क्या है इनसाइड स्टोरी?, National Hindi News


Tamil Nadu Government Formation Updates: सूत्रों के मुताबिक, CPI, CPI(M) और VCK तीनों दलों को प्रस्तावित कैबिनेट में एक-एक मंत्री पद देने को लेकर समझौता हुआ है। तीनों दल यानी VCK, CPI और CPIM के पास 2-2 विधायक हैं। 

Tamil Nadu Government Formation Updates: अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने तमिलनाडु चुनावों में जीत के बाद पहली सियासी अग्निपरीक्षा पास कर ली है। उन्होंने विधानसभा में बहुमत का जुगाड़ कर लिया है। यानी 118 विधायकों का समर्थन जुटा लिया है। हालांकि, बहुमत के लिए उन्हें फिलहाल 117 विधायकों की ही जरूरत है। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो चुका है। अब से थोड़ी देर पहले विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से तीन दिनों में तीसरी बार जाकर मुलाकात की है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया है और शनिवार (9 मई) की सुबह 11 बजे उनका शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।

हालांकि, विजय के लिए यह इतना आसान नहीं रहा। उन्हें इसके लिए तीन दिनों तक न सिर्फ इंतजार करना पड़ा बल्कि लोक भवन के चक्कर लगाने पड़े और छोटे-छोटे दलों से समर्थन के लिए संपर्क भी करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, यह सत्ता में हिस्सेदारी और मंत्री पद को लेकर हुए समझौते के बाद ही संभव हो पाया। हालांकि, CPI ने कहा है कि उसने बिना शर्त समर्थन दिया है ताकि भाजपा को राज्य में सियासी खेल करने से रोका जा सके लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि CPI को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने पर सहमति बनी है।

क्या है 1-1-1 और दो का फार्मूला?

सूत्रों के मुताबिक, CPI, CPI(M) और VCK तीनों दलों को प्रस्तावित कैबिनेट में एक-एक मंत्री पद देने को लेकर समझौता हुआ है। तीनों दल यानी VCK, CPI और CPIM के पास दो-दो विधायक हैं। सूत्रों ने यह भी बताया की VCK चीफ थोल थिरुमावलवन के खुद विजय कैबिनेट में शामिल होने की संभावना है। इन तीनों दलों के एक-एक मंत्री पद के अलावा विजय को पहले से समर्थन दे रही कांग्रेस को दो मंत्री पद देने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने DMK से अपना गठबंधन तोड़कर TVK को समर्थन दिया है। उसके पांच विधायक हैं।

तीनों पार्टियां पहले DMK की सहयोगी थीं

बड़ी बात ये है कि TVK को समर्थन देने वाली ये तीनों पार्टियां भी पहले DMK की सहयोगी थीं। बदले राजनीतिक समीकरण में DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने उन्हें अपने राजनीतिक हितों के आधार पर गठबंधन तय करने की पूरी आज़ादी दी थी। खबर है कि दो IUML विधायकों में से एक और TTV दिनाकरन के नेतृत्व वाली पार्टी ‘अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कझगम’ (AMMK) के एकमात्र विजयी उम्मीदवार का भी समर्थन विजय को मिल सकता है लेकिन अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

TVK ने अकेले दम पर 108 सीटें जीती

बता दें कि तमिलनाडु चुनावों में TVK ने अकेले दम पर 108 सीटें जीती थीं, जबकि DMK सिर्फ़ 59 सीटों पर सिमट गई और AIADMK को केवल 47 सीटें मिलीं। छोटे सहयोगी दलों के समर्थन से अब विधानसभा में TVK की ताकत बढ़कर 120 हो गई है, जो बहुमत के लिए ज़रूरी 117 सीटों के आंकड़े से ज़्यादा है। अब उसके खाते में TVK की 107 सीटें (विजय एक सीट छोड़ेंगे), कांग्रेस (5), VCK (2), CPI (2), CPM (2), IUML (1) और AMMK (1) की सीटें शामिल हैं। बहरहाल विजय द्वारा बहुमत हासिल कर लेने से राज्यपाल के साथ बना गतिरोध भी समाप्त हो गया है; राज्यपाल को पहले इस बात का यकीन नहीं हो रहा था कि विजय सरकार बनाने के लिए ज़रूरी संख्या बल जुटा लेंगे।



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