Saturday, July 25, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारकड़कनाथ मुर्गी पालन बन सकता है अच्छी कमाई का जरिया, कम निवेश...

कड़कनाथ मुर्गी पालन बन सकता है अच्छी कमाई का जरिया, कम निवेश में शुरू करें कारोबार


Kadaknath Poultry Farming: अगर आप कम इन्वेस्टमेंट में किसी ऐसे बिजनेस की तलाश में हैं जो आपको तगड़ा रिटर्न दे सके तो कड़कनाथ मुर्गी पालन आपके लिए एक बेहद शानदार और प्रॉफिटेबल ऑप्शन साबित हो सकता है. आजकल हर कोई अपनी हेल्थ को लेकर काफी अवेयर हो गया है, और यही वजह है कि मार्केट में कड़कनाथ मुर्गे और उसके अंडों की डिमांड रॉकेट की तरह बढ़ रही है. 

मूल रूप से मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से पहचान बनाने वाला यह पूरा काला मुर्गा अब देशभर के पोल्ट्री फार्मर्स की पहली पसंद बन चुका है. आम सफेद मुर्गियों के मुकाबले इसे पालना काफी आसान है क्योंकि इसमें बीमारियां लगने का चांस न के बराबर होता है. जिससे आपका रिस्क बहुत कम हो जाता है. अगर आप सही तरीके से थोड़ी ट्रेनिंग के साथ इस बिजनेस को शुरू करते हैं. तो यह काम आपको बहुत ही कम समय में लखपति बना सकता है.

इस वजह से रहती है डिमांड

कड़कनाथ की सबसे बड़ी खासियत इसके बेजोड़ औषधीय गुण हैं. इसका मीट पूरी तरह से काला होता है और इसमें आम चिकन के मुकाबले प्रोटीन और आयरन कूट-कूट कर भरा होता है. वहीं इसमें फैट और कोलेस्ट्रॉल का लेवल एकदम कम होता है. जिस वजह से डॉक्टर भी हार्ट और डायबिटीज के मरीजों को इसे खाने की सलाह देते हैं.

इतना आता है खर्च

आप इसकी शुरुआत मात्र 100 या 500 चूजों से बहुत ही छोटी जगह में कर सकते हैं. एक चूजा मार्केट में आराम से 70 से 100 रुपये के बीच मिल जाता है. मुर्गियों के लिए शेड, उनकी फीड यानी दाना-पानी और दवाओं का शुरुआती खर्च मिलाकर लगभग 50 हजार रुपये की लागत आती है. सही डाइट मिलने पर करीब पांच से छह महीने के अंदर ये मुर्गियां पूरी तरह से बिकने के लिए तैयार हो जाती हैं और आपको अच्छा रिटर्न देना शुरू कर देती हैं.

यह भी पढ़ें: धान की फसल के साथ इस फसल की इंटरक्रॉपिंग देती है सबसे ज्यादा मुनाफा, जान लें किसान

मार्केट में मिलते हैं तगड़े रेट 

जहां बाजार में ब्रायलर या नॉर्मल चिकन 150 से 200 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिकता है. वहीं कड़कनाथ का मीट आसानी से 800 से 1200 रुपये किलो तक बिक जाता है. सर्दियों के मौसम में तो इसकी डिमांड और कीमत दोनों आसमान छूने लगती हैं. सिर्फ मीट ही नहीं कड़कनाथ का एक अंडा भी मार्केट में 25 से 30 रुपये का बिकता है. 

सरकार देती है सब्सिडी

कई राज्य सरकारें और नाबार्ड जैसी संस्थाएं किसानों को शेड बनाने और चूजे खरीदने पर भारी सब्सिडी भी ऑफर करती हैं. आप अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र या पशुपालन विभाग में जाकर इसकी फ्री ट्रेनिंग ले सकते हैं और सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा उठाकर इस बेहतरीन बिजनेस से बंपर कमाई कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Why Dry Fruits Grow In Afghanistan: अफगानिस्तान जैसे मेवों की भारत में क्यों नहीं हो पाती खेती, क्यों खास है वहां की मिट्टी?



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments