
बारिश के मौसम में अगर आप गार्डनिंग की शुरुआत कर रहे हैं. तो टमाटर आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है. मानसूनी नमी में टमाटर के पौधे बहुत तेजी से ग्रो करते हैं. बस गमले में जल निकासी का अच्छा इंतजाम रखें ताकि जड़ों में पानी न ठहरे. सही धूप और टाइम पर पानी देने से पौधे में बहुत जल्द रसीले टमाटर लगने शुरू हो जाएंगे.

किचन गार्डन में हरी मिर्च का पौधा होना तो बेहद जरूरी है. क्योंकि यह हर भारतीय डिश की जान होती है. इस सुहावने मौसम में मिर्च के बीज बहुत जल्दी अंकुरित होते हैं. घर में सूखी मिर्च के बीजों को मिट्टी में बोकर आप आसानी से पौधा तैयार कर सकते हैं. कुछ ही हफ्तों में आपके अपने पौधे से तीखी और ताजी मिर्चें मिलने लगेंगी.

मानसून की हल्की ठंडक और नमी में मेथी और धनिया जैसी पत्तेदार सब्जियां बहुत तेजी से फैलती हैं. मेथी के दानों को गमले की भुरभुरी मिट्टी में छिड़क कर हल्का पानी दें. महज 15 से 20 दिनों में आपके पास हरी-भरी, खुशबूदार मेथी तैयार हो जाएगी. बारिश के इस मौसम में ताजी मेथी के गरमा-गरम पराठों का स्वाद ही अलग होता है.

बरसात का मौसम लौकी, तोरई और करेले जैसी बेल वाली सब्जियों के लिए बिल्कुल मुफीद माना जाता है. अगर आपकी बालकनी में धूप आती है या छत पर जगह है. तो बड़े गमलों में इनकी बेल लगाएं. मानसून की बारिश का पानी मिलते ही इनकी बेलें बहुत तेजी से फैलती हैं और आपको हफ्ते में दो-तीन बार ऑर्गेनिक सब्जियां आराम से मिल जाती हैं.

बरसात के दिनों में भिंडी और बैंगन भी गमलों में बहुत आसानी से उगाए जा सकते हैं. इस मौसम में मिट्टी में नमी बनी रहने के कारण इनके पौधों को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. सही समय पर गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट देने से इनमें लगातार फल आते रहते हैं. जिससे आपको घर की उगाई हुई कमेकिल फ्री सब्जी मिलेगी.

घर पर मानसून में किचन गार्डन तैयार करने से न सिर्फ आपको केमिकल-फ्री और हेल्दी सब्जियां मिलती हैं. बल्कि इस मौसम में पौधे बड़ी आसानी से उगा आते है. तो फिर देर किस बात की इस मौसम का पूरा फायदा उठाएं कुछ गमले और बीज लाएं और अपने घर में ही ताजी सब्जियां उगाने की शुरुआत करें.
Published at : 26 Jul 2026 03:56 PM (IST)


