केंद्र सरकार ने 6 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी (PM-Vidyalaxmi) योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी मेधावी छात्र की उच्च शिक्षा प्रभावित न हो।
देश में कई ऐसे छात्र और छात्राएं हैं, जो कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चली रही हैं। इनमें से एक है प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना। यह भारत सरकार की एक डिजिटल स्कीम है, जिसके तहत छात्र एक ही पोर्टल से एजुकेशन लोन और ब्याज सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत नवंबर 2024 में योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1.12 लाख से अधिक छात्रों को बिना गारंटी (Guarantor-Free) और बिना किसी कोलैटरल सिक्योरिटी के एजुकेशन लोन मिल चुका है। इसकी जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को लोकसभा में दी। लोकसभा में लिखित जवाब में शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 1,12,817 एजुकेशन लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 15,634.78 करोड़ रुपये है।
उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। इस योजना के तहत देश के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानोंमें मेरिट के आधार पर प्रवेश पाने वाले पात्र छात्रों को बिना किसी जमानत और गारंटर के शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
ऐसे में अगर आप हायर एजुकेशन हासिल करना चाहते हैं, लेकिन पैसों की तंगी आपके रास्ते की दीवार बन रही है, तो अब आपको मायूस होने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार की पीएम विद्यालक्ष्मी योजना (PM Vidyalaxmi Scheme) के तहत बिना किसी सिक्योरिटी या गारंटर के आसानी से एजुकेशन लोन मिल रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर 75% रकम की गारंटी खुद सरकार लेती है। आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि यह योजना क्या है और आप घर बैठे इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं।
क्या है पीएम विद्यालक्ष्मी योजना?
केंद्र सरकार ने 6 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी (PM-Vidyalaxmi) योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी मेधावी छात्र की उच्च शिक्षा प्रभावित न हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार की गई यह योजना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से हर वर्ष करीब 22 लाख छात्रों को लाभ पहुंचाना है। यदि किसी छात्र का दाखिला NIRF (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) में शामिल उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर होता है, तो वह इस योजना के तहत बिना गारंटी और बिना जमानत के एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कर सकता है।
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना की बड़ी खासियतें
बिना गारंटी और जमानत के लोन: इस योजना के तहत एजुकेशन लोन लेने के लिए न तो किसी प्रॉपर्टी को गिरवी (Collateral) रखना होगा और न ही किसी गारंटर की जरूरत होगी।
सरकार दे रही 75% क्रेडिट गारंटी: बैंकों का जोखिम कम करने के लिए 7.5 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर केंद्र सरकार 75 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी प्रदान करती है।
8 लाख रुपये तक आय वालों को ब्याज में राहत: जिन परिवारों की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है, उन्हें 10 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
कम आय वाले परिवारों को पूरी ब्याज सहायता: जिन छात्रों के परिवार की सालाना आय 4.5 लाख रुपये तक है, उन्हें पात्रता के अनुसार ब्याज पर पूरी सहायता (Full Interest Support) का लाभ दिया जाएगा।
पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया: लोन स्वीकृत होने के बाद राशि सीधे डिजिटल रुपया (Digital Rupee) वॉलेट में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहती है।
किन छात्रों को पहले मिलेगा 3% ब्याज सब्सिडी का लाभ?
PM-Vidyalaxmi योजना के तहत 3% ब्याज सब्सिडी का लाभ अधिकतम 1 लाख छात्रों को दिया जाएगा। यदि पात्र आवेदकों की संख्या इससे अधिक होती है, तो सरकार प्राथमिकता के आधार पर लाभार्थियों का चयन करेगी।
प्राथमिकता क्रम इस प्रकार होगा:
सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों (Government Higher Education Institutions) में प्रवेश लेने वाले छात्र।
टेक्निकल और वोकेशनल (Technical & Vocational) पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले छात्र।
सरकारी स्कूल से 12वीं (10+2) पास करने वाले छात्र।
सरकारी स्कूल से 10वीं पास करने वाले छात्र।
ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र।
उपरोक्त सभी श्रेणियों के बाद छात्राओं (Girls Students) को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
PM-Vidyalaxmi योजना के तहत आवेदन करते समय उम्मीदवारों को निम्नलिखित दस्तावेज PDF या JPEG फॉर्मेट में (अधिकतम 200 KB आकार) अपलोड करने होंगे:
10वीं की मार्कशीट और 12वीं/डिप्लोमा/अंतिम क्वालिफाइंग परीक्षा की मार्कशीट।
संबंधित कोर्स में प्रवेश का आधिकारिक प्रमाण।
संस्थान द्वारा जारी कोर्स फीस और अन्य खर्चों का विस्तृत विवरण।
किसी सक्षम सरकारी प्राधिकरण या कॉलेज द्वारा जारी परिवार की आय प्रमाण पत्र
आवेदक और उसके माता-पिता की पासपोर्ट साइज फोटो।
यदि स्वेच्छा से कोलैटरल सिक्योरिटी (Collateral Security) दी जा रही है, तो सह-आवेदक (Co-applicant) या गारंटर की फोटो भी अपलोड करनी होगी।
आधार कार्ड योजना के तहत मिलने वाले लोन, ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी का लाभ लेने के लिए अनिवार्य है।
कैसे करें आवेदन
PM-Vidyalaxmi योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ये आसान स्टेप्स फॉलो करें:
सबसे पहले PM-Vidyalaxmi के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की मदद से साइन-अप कर अपना अकाउंट बनाएं।
लॉगइन करने के बाद कॉमन लोन एप्लीकेशन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।
स्कूल या कॉलेज का चयन करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के UDISE और AISHE डेटाबेस का उपयोग करें।
अपनी पात्रता और सुविधा के अनुसार अधिकतम तीन बैंकों का चयन करें।
सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट कर दें।
आवेदन के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा करने के बाद उम्मीदवार ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) ट्रैक कर सकते हैं।
योजना की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है। आमतौर पर 8 दिनों से भी कम समय में एजुकेशन लोन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
लोन स्वीकृत होने के बाद बैंक सीधे संबंधित कॉलेज या संस्थान के खाते में फीस की राशि ट्रांसफर कर देता है।


