Tulsi Plant Care Tips : घर के आंगन, बालकनी या मंदिर में लगा तुलसी का पौधा सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक माना जाता है. हिंदू धर्म में तुलसी को सबसे पवित्र स्थान दिया गया है और रोज इसकी पूजा की जाती है. वहीं आयुर्वेद में भी तुलसी को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है, लेकिन कई बार सही देखभाल न मिलने की वजह से तुलसी का पौधा सूखने लगता है. ऐसे में लोग इसे अशुभ संकेत मानने लगते हैं, जबकि कई बार इसके पीछे देखभाल से जुड़ी छोटी-छोटी गलतियां भी जिम्मेदार होती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि तुलसी की पूजा करते वक्त क्या सावधानी रखें.
तुलसी की पूजा करते वक्त रखें ये सावधानी
1. पानी देते समय ध्यान दें: तुलसी के पौधे को नियमित रूप से पानी देना जरूरी होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है. ज्यादा पानी देने से जड़ों में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पौधा सूख सकता है. गर्म मौसम में तुलसी को सुबह या शाम के समय पानी देना बेहतर माना जाता है. वहीं ठंड के मौसम में जरूरत के अनुसार एक दिन छोड़कर भी पानी दिया जा सकता है. पानी हमेशा उतना ही डालें, जिससे मिट्टी अच्छी तरह नम हो जाए, लेकिन उसमें पानी जमा न रहे.
2. तुलसी की मंजरियां हटाएं: तुलसी के पौधे को हरा-भरा बनाए रखने के लिए उसकी मंजरियों को समय-समय पर अलग करते रहना चाहिए. माना जाता है कि अगर मंजरियां लंबे समय तक पौधे पर बनी रहें, तो तुलसी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है. मंजरी तोड़ते समय नाखून का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
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3. मौसम के अनुसार करें तुलसी की देखभाल: हर मौसम में तुलसी की देखभाल का तरीका अलग होता है. सर्दियों में पौधे को पाले से बचाने के लिए उसे पतले और साफ कपड़े से ढक कर रखा जा सकता है. बारिश के मौसम में जब लगातार बारिश हो रही हो, तब जरूरत के अनुसार हफ्ते में एक या दो बार ही पानी देना पर्याप्त माना जाता है. वहीं गर्मियों में तुलसी को तेज धूप से बचाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा गर्मी में पौधा सूख सकता है.
अगर तुलसी सूखने लगे तो क्या करें?
अगर नियमित पानी देने के बाद भी तुलसी का पौधा सूखने लगे, तो उसमें पोषक तत्वों की कमी भी एक कारण हो सकती है. ऐसे में गाय के गोबर का घोल और सूखे नीम के पत्तों का पाउडर मिलाकर हफ्ते में एक बार जड़ों में डाल सकते हैं. इसके अलावा सूखे केले के छिलकों का पाउडर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. केले के छिलकों में पोटैशियम और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधे की बढ़वार में मदद करते हैं. इसके लिए सूखे छिलकों का पाउडर बनाकर एक से दो चम्मच पानी में मिलाकर जड़ों में डाल सकते हैं.
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