Farming Schemes For SC ST Farmers: खेती-किसानी को आसान बनाने के लिए सरकार आए दिन नई-नई योजनाएं लाती रहती है. खासतौर पर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई खास योजनाएं चला रही हैं. इन योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनमें किसानों को भारी-भरकम सब्सिडी दी जाती है. जो कई बार 90 प्रतिशत तक पहुंच जाती है.
इसका मतलब यह हुआ कि अगर किसी कृषि उपकरण या सेटअप का खर्च 1 लाख रुपये है. तो किसान को अपनी जेब से सिर्फ 10 हजार रुपये ही देने होते हैं. बाकी का 90 हजार रुपये सरकार खुद उठाती है. तो चलिए आपको बताते हैं कि वह कौन-कौन सी योजनाएं हैं जिनका फायदा उठाकर SC/ST किसान खेती से अच्छी कमाई कर सकते हैं.
बागवानी के लिए मिलती है मदद
फसल उगाने के साथ-साथ अगर किसान बागवानी अपनाते हैं. तो उनकी कमाई कई गुना बढ़ सकती है. मऊ के उद्यान विभाग की तरफ से फल, फूल, सब्जी और मसालों की खेती के लिए किसानों को सब्सिडी दी जा रही है. SC, ST और OBC वर्ग के किसानों को एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत फलदार पौधे लगाने, ड्रिप इरिगेशन सेटअप करने, पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस बनाने पर 50 से लेकर 80-90 प्रतिशत तक की सहायता मिलती है.
इसमें ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, अमरूद और आम के बाग लगाने के लिए किसानों को लागत का बड़ा हिस्सा सब्सिडी के रूप में वापस मिल जाता है. इसके लिए किसानों को विभाग के पोर्टल पर जाकर पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना होता है. जिसके बाद डीबीटी के जरिए पैसा सीधे खाते में आ जाता है.

ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर बंपर छूट
पानी की बचत और फसलों की सही सिंचाई के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एक कमाल की स्कीम है. इसके तहत जब आप ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम अपने खेतों में लगवाते हैं. तो सरकार SC/ST वर्ग के छोटे और सीमांत किसानों को 80 से 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी देती है.
इस आधुनिक तकनीक से न केवल पानी की भारी बचत होती है. बल्कि खाद और मेहनत भी कम लगती है. फसल को जरूरत के हिसाब से सही मात्रा में पानी मिलता है, जिससे पैदावार में भी जबरदस्त इजाफा होता है. अगर आपके पास पानी की कमी है या आप कम पानी में बेहतरीन फसल उगाना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
कृषि यंत्रों पर मिलती है सब्सिडी
आज के वक्त में बिना आधुनिक मशीनों के खेती करना काफी मुश्किल और खर्चीला काम हो गया है. लेकिन ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर या सीड ड्रिल जैसी मशीनें खरीदना हर किसान के बस की बात नहीं होती. इसी समस्या को दूर करने के लिए कृषि यंत्रीकरण योजना और ‘सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के जरिए SC/ST किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से लेकर 80-90 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है.
इसके अलावा अगर आप खुद मशीनें नहीं खरीदना चाहते. तो आप कस्टम हायरिंग सेंटर खोलकर सरकार से आर्थिक मदद ले सकते हैं. इससे आप खुद भी मशीनें इस्तेमाल कर सकते हैं और गांव के दूसरे किसानों को किराए पर देकर बढ़िया कमाई भी कर सकते हैं.
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सोलर पंप लगाने के लिए कुसुम योजना का साथ
खेतों में सिंचाई के लिए बिजली के बिल और डीजल के महंगे खर्च से हर किसान परेशान रहता है. इस परेशानी का पक्का इलाज है पीएम कुसुम योजना. इस योजना के जरिए अपने खेत में सोलर पंप लगवाने पर SC/ST किसानों को बहुत ही मामूली रकम देनी पड़ती है.
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस पर 80 से 90 परसेंट तक की सब्सिडी मुहैया कराती हैं. एक बार सोलर पंप लग जाने के बाद आपको बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ता और न ही महंगे डीजल का झंझट रहता है. दिन के उजाले में जब चाहें, आप अपने खेतों की बेफिक्र होकर सिंचाई कर सकते हैं. इससे खेती की लागत बहुत हद तक कम हो जाती है और किसान की सीधी बचत होती है.

पशुपालन और जैविक खेती में मिलने वाली मदद
सिर्फ फसल उगाना ही नही बल्कि पशुपालन और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार SC/ST किसानों का पूरा ख्याल रख रही है. नेशनल लाइवस्टॉक मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत गाय, भैंस, बकरी या मुर्गी पालन का शेड बनाने और नस्ल सुधारने के लिए 70 से 90 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है.
वहीं दूसरी तरफ पारंपरिक कृषि विकास योजना के तहत अगर आप रासायनिक खाद छोड़कर जैविक खेती अपनाते हैं, तो सरकार केंचुआ खाद निट बनाने और जैविक बीज खरीदने के लिए वित्तीय सहायता देती है. इन योजनाओं से जुड़कर यह किसान खेती के साथ-साथ अपनी एक्स्ट्रा इनकम का जरिया आसानी से बना सकते हैं.
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