Resham Fatma Chevening Scholarship: एसिड अटैक सर्वाइवर रेशम फातमा ने यूके सरकार की चेवनिंग स्कॉलरशिप हासिल कर इतिहास रच दिया है। वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर डिग्री की पढ़ाई करेंगी।
Resham Fatma Success Story: कहते हैं कि अगर इंसान के हौसले बुलंद हों, तो जिंदगी की बड़ी से बड़ी दुखद घटना भी उसके सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है 29 वर्षीय रेशम फातिमा ने। रेशम भारत की पहली ऐसी एसिड अटैक सर्वाइवर बन गई हैं, जिन्हें ब्रिटिश सरकार की बेहद प्रतिष्ठित चेवनिंग स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है।
इस स्कॉलरशिप के तहत रेशम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) से जेंडर, डेवलपमेंट एंड ग्लोबलाइजेशन में MSc करेंगी।
2014 में झेला एसिड अटैक का दर्द
रेशम फातिमा की यह सफलता महज एक डिग्री पाने की कहानी नहीं है, बल्कि अपनी जिंदगी को फिर से नए सिरे से गढ़ने की एक मिसाल है। साल 2014 में, जब रेशम 11वीं कक्षा में पढ़ रही थीं, तब लखनऊ में उनके रिश्तेदार ने शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर उनके चेहरे पर तेजाब डाल दिया था।
उस भयावह हमले के बावजूद रेशम ने हिम्मत नहीं हारी और डटकर मुकाबला किया। उनकी इस अद्वितीय बहादुरी के लिए वर्ष 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा उन्हें देश के सर्वोच्च बच्चों के वीरता पुरस्कार ‘भारत अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें ‘रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार’ से भी नवाजा।
किताबों को बनाया अपना हथियार: जामिया से JNU तक का सफर
दर्दनाक सर्जरी और लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद रेशम ने अपनी पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। लगातार हो रही सर्जरी के बीच भी उन्होंने 12वीं बोर्ड में 87% अंक हासिल किए।उन्होंने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से 2018 में फिजिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से पॉलिटिक्स एंड इंटरनेशनल रिलेशन में मास्टर डिग्री हासिल की।
‘इब्राह फाउंडेशन’ के जरिए दूसरों की जिंदगी में भर रही हैं उम्मीद
वर्ष 2023 में रेशम ने ‘इब्राह फाउंडेशन’ नाम से एक संस्था की स्थापना की। इस संस्था के माध्यम से वे वंचित वर्ग की लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, करियर मार्गदर्शन और वित्तीय आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं।
वर्ष 2024 में रेशम का विवाह असगर से हुआ, जिन्होंने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्लोबल पॉलिसी के क्षेत्र में आगे बढ़ने और चेवनिंग स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने का हौसला दिया।
छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
लंदन रवाना होने से पहले रेशम फातिमा ने कहा कि यह अवसर केवल उनके लिए नहीं, बल्कि देश की उन तमाम बेटियों के लिए है जिन्हें अक्सर कहा जाता है कि उनके सपने बहुत बड़े हैं। उनका मानना है कि परिस्थितियां आपकी जिंदगी को दिशा दे सकती हैं, लेकिन वे आपका भविष्य तय नहीं कर सकतीं।


