Bihar Girl Success Story: बिहार के बांका जिले की जानू कुमारी ने 96 लाख रुपये की प्रतिष्ठित ‘ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप’ हासिल की है। अब वे दक्षिण कोरिया में अपनी पढ़ाई और सपनों को पूरा करेंगी।
Global Korea Scholarship: सपने अगर बड़े हों और उन्हें पूरा करने का हौसला मजबूत हो, तो गांव-कस्बों से निकलकर भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर परचम फहराया जा सकता है। ऐसा ही एक प्रेरक कारनामा कर दिखाया है बिहार के बांका जिले की होनहार बेटी जानू कुमारी ने। जानू कुमारी ने अपनी लगन और मेहनत के बल पर दुनिया की सबसे बड़ी स्कॉलरशिप में से एक ‘ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप’ (GKS) हासिल की है। इस स्कॉलरशिप के तहत वह दक्षिण कोरिया की सन मून यूनिवर्सिटी से ‘इंटरनेशनल रिलेशंस’ में मास्टर डिग्री (MA) की पढ़ाई करेंगी।
इस स्कॉलरशिप के तहत उन्हें 96 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे वे दक्षिण कोरिया में रहकर बिना किसी पैसों की चिंता के अपनी हायर एजुकेशन पूरी कर सकेंगी।
मेहनत और प्रतिभा के बल पर हासिल की सफलता
ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप (GKS) दक्षिण कोरिया सरकार द्वारा दी जाने वाली एक बेहद प्रतिस्पर्धी स्कॉलरशिप है। दुनिया भर के हजारों छात्र इसके लिए आवेदन करते हैं, लेकिन चयन सिर्फ उन्हीं का होता है जो पढ़ाई में बहुत अच्छे होते हैं। बांका की जानू कुमारी ने अपनी मेहनत के दम पर इस कठिन चयन प्रक्रिया को पार कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती।
परिवार के सहयोग और निरंतर संघर्ष से मिली सफलता
बांका के मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली जानू कुमारी ने सलेमपुर हाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा और शारदा झुनझुनवाला महिला महाविद्यालय, भागलपुर से ग्रेजुएशन किया। माता रानी चौधरी और पिता चंडिका चौधरी एवं परिजनों के अटूट सहयोग से उन्होंने तीन वर्षों की मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया।
स्कॉलरशिप के तहत मिलेंगी ये बड़ी सुविधाएं
96 लाख रुपये मूल्य की इस ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप के अंतर्गत जानू कुमारी के पढ़ाई से जुड़े सभी प्रमुख खर्चे कवर किए जाएंगे। दक्षिण कोरियाई विश्वविद्यालय में उनके पूरे कोर्स की शत-प्रतिशत फीस माफ होगी। उनके हर महीने के रहने-खाने के लिए खर्च दिया जाएगा। भारत से दक्षिण कोरिया जाने और पढ़ाई पूरी कर लौटने का पूरा हवाई किराया स्कॉलरशिप में शामिल है। कोरियाई भाषा सीखने के लिए स्पेशल लैंग्वेज कोर्स और स्वास्थ्य बीमा की सुविधा भी दी जाएगी।
छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत
जानू कुमारी की यह शानदार उपलब्धि बिहार ही नहीं, बल्कि देश भर के उन छात्रों के लिए एक बड़ा प्रेरणा का स्रोत है जो पैसों की तंगी या सही जानकारी के अभाव में विदेश में पढ़ाई करने का सपना छोड़ देते हैं। उनकी कहानी सिखाती है कि अगर सही दिशा में तैयारी की जाए और देश-विदेश की स्कॉलरशिप योजनाओं पर नजर रखी जाए, तो कोई भी छात्र विदेश में सफलता के झंडे गाड़ सकता है।


