कूडो की ट्रेनिंग शुरू करने के बाद अमोघ ने बेहद कम समय में अपनी प्रतिभा दिखाई। महज 5 साल 8 महीने की उम्र में उसने डिस्ट्रिक्ट लेवल पर गोल्ड मेडल जीता और अंडर-7 कैटेगरी में स्टेट चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया।
जिस उम्र में बच्चे ठीक से स्कूल जाना और अपनी किताबें संभालना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में मध्य प्रदेश के सागर के रहने वाले 6 साल के अमोघ नेमा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। UKG में पढ़ने वाले अमोघ ने इंदौर में आयोजित 11वीं राज्य स्तरीय कूडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ अपने परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की तीन प्रतियोगिताओं के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। खास बात यह है कि अमोघ को कूडो खेलते हुए अभी सिर्फ तीन महीने हुए हैं। चलिए जानते हैं कि कौन हैं अमोघ नेमा।
कौन हैं अमोघ नेमा
6 साल के अमोघ सागर की सनराइज मेगा सिटी में रहने वाल हैं। उनके पिता डॉ. अंशुल नेमा और मां का नाम रिचा नेमा है। न्यूज 18 में छपी एक रिपोर्ट में उनकी मां रिचा के हवाले से बताया गया कि वो वोअमोघ को सेल्फ डिफेंस सिखाना चाहते थे। इसी दौरान उन्हें कूडो के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने अमोघ को समर कैंप में भेजना शुरू किया।
कूडो की ट्रेनिंग शुरू करने के बाद अमोघ ने बेहद कम समय में अपनी प्रतिभा दिखाई। महज 5 साल 8 महीने की उम्र में उसने डिस्ट्रिक्ट लेवल पर गोल्ड मेडल जीता और अंडर-7 कैटेगरी में स्टेट चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। इसके बाद इंदौर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी उसने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
अब 3 नेशनल टूर्नामेंट में लेगा हिस्सा
स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के साथ ही अमोघ ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब वह तीन बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहा है। इनमें नवंबर में अहमदाबाद में होने वाली 18वीं अक्षय कुमार कूडो इंटरनेशनल चैंपियनशिप, 7वां फेडरेशन कप और 17वीं राष्ट्रीय कूडो प्रतियोगिता शामिल हैं। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई करना अमोघ के परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है।
पिता को था कराटे का शौक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमोघ के पिता डॉ. अंशुल नेमा बताते हैं कि उन्हें खुद बचपन से कराटे का शौक था, लेकिन वह इसे ज्यादा आगे नहीं बढ़ा सके। अब बेटे को सेल्फ डिफेंस से जुड़े खेल में गोल्ड मेडल जीतते देखकर उन्हें बेहद खुशी है। कूडो के अलावा अमोघ को पियानो बजाना, स्वीमिंग, स्केटिंग और साइकिलिंग भी पसंद है। माता-पिता उसकी रुचि को देखते हुए उसे इन गतिविधियों में भी हिस्सा लेने का मौका दे रहे हैं।
अमोघ रोजाना करीब डेढ़ घंटे कूडो की प्रैक्टिस करते हैं। वह घर पर भी अभ्यास करते रहते है। माता-पिता के मुताबिक, इतनी कम उम्र के बावजूद उसकी एनर्जी कम नहीं होती। उसकी फिटनेस और उत्साह को देखकर कोच भी उसकी तारीफ करते हैं।
अमोघ के माता-पिता का कहना है कि उन्होंने शुरुआत में उसे सिर्फ सेल्फ डिफेंस सीखने के उद्देश्य से कूडो में भेजा था, लेकिन उसकी मेहनत और प्रतिभा ने इसे एक बड़ी उपलब्धि में बदल दिया।
650 से ज्यादा खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
कूडो एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश की ओर से 21 से 24 अगस्त 2026 तक इंदौर में 11वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर कूडो प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 650 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
इंटरनेशनल मंच की ओर बढ़े आगे
प्रतियोगिता में सागर डिस्ट्रिक्ट कूडो एसोसिएशन के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और कुल 126 पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की। इसी प्रतियोगिता में नन्हे अमोघ ने भी अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा और गोल्ड मेडल जीतकर अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने की राह बना ली है।


