Thursday, September 10, 2026
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नॉन CSE ब्रांच से BTech के बाद भी गाड़े झंडे, अमेजन से 15 बार रिजेक्ट, फिर हासिल किया 1.1 करोड़ का पैकेज, Career Hindi News


मालवीय को ECE की डिग्री ने सीधे सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं बनाया। इसके लिए उन्होंने वर्षों तक प्रोग्रामिंग सीखी, कोडिंग की प्रैक्टिस की, प्रोजेक्ट्स बनाए, इंटर्नशिप की और लगातार नौकरियों के लिए आवेदन किया।

सफलता की ये शानदार मिसाल खासतौर पर उन छात्रों और युवाओं के लिए है जो या तो जेईई मेन की तैयारी कर रहे रहे हैं या फिर कम रैंक आने के चलते कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के अलावा किसी अन्य ब्रांच से इंजीनियरिंग कर रहे रहे हैं। गंतव्य मालवीय की कामयाबी उन धारणाओं को तोड़ती है जिसमें यह माना जाता है कि केवल कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ब्रांच से बीटेक करने पर ही करोड़ों की नौकरी मिल सकती है और सफल करियर बनाया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) से ग्रेजुएट मालवीय ने अमेजन में नौकरी के लिए कई बार आवेदन किया। उन्हें 15 बार रिजेक्शन मिला, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। आखिरकार उन्हें जर्मनी में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर की नौकरी मिल गई। आज मालवीय जर्मनी के म्यूनिख में अमेजन वेब सर्विसेज (Amazon Web Services – AWS) में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे हैं। ईसीई बीटेक ब्रांच की पढ़ाई से एक ग्लोबल टेक कंपनी तक पहुंचने का उनका सफर किसी एक कैंपस प्लेसमेंट में लगे जैकपॉट का परिणाम नहीं था। इसके पीछे बरसों की तैयारी, इंजीनियरिंग के साथ प्रोग्रामिंग सीखना, प्रोजेक्ट्स बनाना, व्यावहारिक अनुभव हासिल करना और लगातार एप्लाई करने रहने की जिद थे।

मालवीय कहानी यह भी बताती है कि कंप्यूटर साइंस के अलावा दूसरी ब्रांच के छात्र भी अपनी सॉफ्टवेयर स्किल्स विकसित कर सकते हैं, बशर्ते वे अपनी डिग्री के साथ जरूरी तकनीकी ज्ञान हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करें। मालवीय को ECE की डिग्री ने सीधे सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं बनाया। इसके लिए उन्होंने वर्षों तक प्रोग्रामिंग सीखी, कोडिंग की प्रैक्टिस की, प्रोजेक्ट्स बनाए, इंटर्नशिप की और लगातार नौकरियों के लिए आवेदन किया।

पहले साल से ही टेक्नोलॉजी में ज्ञान हासिल करना शुरू किया

मालवीय ने सॉफ्टवेयर में करियर बनाने के लिए इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का इंतजार नहीं किया। पहले साल के अंत तक उन्होंने टेक्नोलॉजी सेक्टर को समझना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उन्होंने डेटा स्ट्रक्चर एंड एल्गोरिदम, पायथन और मशीन लर्निंग जैसी स्किल्स सीखीं। इसके बाद उन्होंने प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, बैकएंड डेवलपमेंट और क्लाउड टेक्नोलॉजी की नॉलेज भी ले ली। इस शुरुआती तैयारी से उन्हें अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों को समझने और अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का काफी समय मिला।

कोडिंग प्रैक्टिस से कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग तक

मालवीय ने प्रोग्रामिंग समस्याओं को हल किया। डेटा स्ट्रक्चर एंड एल्गोरिदम की मजबूत समझ विकसित की। उनकी प्रोफेशनल प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने LeetCode पर 650 से ज्यादा प्रोग्रामिंग समस्याएं हल कीं और 1980 से अधिक की रेटिंग हासिल की। लेकिन उनकी सीख सिर्फ व्यक्तिगत तैयारी तक सीमित नहीं रही। उन्होंने स्टूडेंट कोडिंग कम्युनिटीज में नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभालीं और हजारों छात्रों के लिए वर्कशॉप तथा ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने में मदद की। कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग लीड और कोडिंग कम्युनिटी ऑर्गनाइजर के तौर पर उन्होंने DSA और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में रुचि रखने वाले छात्रों के साथ भी काम किया। इन अनुभवों से उन्हें सिर्फ कोडिंग ही नहीं, बल्कि कम्युनिकेशन, मेंटरिंग और टेक्निकल लीडरशिप जैसी स्किल्स भी सीखने को मिलीं।

इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स से मजबूत हुआ प्रोफाइल

पढ़ाई के साथ-साथ मालवीय ने इंटर्नशिप और टेक्नोलॉजी से जुड़े कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स के जरिए व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। उन्होंने एक फुल-स्टैक सोशल मीडिया एप्लिकेशन भी बनाया, जिसमें ऑथेंटिकेशन, APIs, डेटाबेस टेक्नोलॉजी और रिएक्ट आधारित फ्रंटएंड जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। ऐसे प्रोजेक्ट्स ने उनकी अकादमिक डिग्री के साथ-साथ एक मजबूत प्रैक्टिकल पोर्टफोलियो तैयार करने में मदद की। उनकी प्रोफाइल में जावा, पायथन और C++ जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के साथ बैकएंड और क्लाउड आधारित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़ी तकनीकों का अनुभव भी दर्ज है।

अमेजन ने 15 बार रिजेक्ट कियाफिर भी नहीं मानी हार

मालवीय की कहानी का सबसे खास हिस्सा अमेजन में नौकरी पाने का उनका लगातार प्रयास रहा। हर रिजेक्शन को अंतिम असफलता मानने के बजाय उन्होंने कंपनी के करियर पोर्टल पर लगातार नजर रखी और अपनी योग्यता के मुताबिक अलग-अलग लोकेशन पर नौकरियों के लिए आवेदन करते रहे। करीब 15 बार असफल होने के बाद उन्हें आखिरकार जर्मनी में एक जॉब के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया और उन्होंने नौकरी हासिल कर ली।

ऑफ कैंपस मेहनत से भी बड़ी नौकरी हासिल कर सकते हैं

यह कहानी प्लेसमेंट से इतर ऑफ-कैंपस रिक्रूटमेंट की एक अहम सच्चाई दिखाती है। एक आवेदन या एक रिजेक्शन आपके करियर का अंतिम फैसला नहीं होता। छात्रों को अपनी प्रोफाइल लगातार बेहतर करते हुए अलग-अलग सही अवसरों के लिए आवेदन करते रहना चाहिए।

इंजीनियरिंग ग्रेजुएट से AWS सॉफ्टवेयर इंजीनियर तक

मालवीय ने 2023 में बीटेक पूरा किया और उसी साल अगस्त में अमेजन वेब सर्विसेज में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। म्यूनिख में उनका काम बड़े पैमाने के बैकएंड और डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम्स, APIs, क्लाउड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर सर्विसेज से जुड़ा है। उनका पैकेज करीब 1.1 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि वेतन, स्टॉक, बेनिफिट्स और लोकेशन के आधार पर कुल कंपनसेशन अलग-अलग हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध प्रोफेशनल जानकारी और स्रोत द्वारा उपलब्ध कराए गए इनपुट पर आधारित है।



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