प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा कर देश के पर्यटन को बढ़ाने की अपील की. इसके बाद मालदीव सरकार के तीन मंत्रियों ने भारत के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं. हालांकि, मामला बिगड़ता देख मालदीव सरकार बैकफुट पर आ गई और तीनों मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया गया. पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे की तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं. इनमें आंसू की बूंद वाले बीच की तस्वीरें भी शामिल थीं. ये लक्षद्वीप के 36 द्वीपों में से एक बंगाराम द्वीप है. इसी को लोग ‘आंसू की बूंद’ वाला बीच भी कहते हैं. इससे पहले ये बीच राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते विवाद का कारण बना था.
बंगाराम द्वीप का आकार आंसू की बूंद जैसा है. इसीलिए इसे आंसू की बूंद वाला बीच कहा जाता है. ये आइलैंड कोरल्स यानी मूंगे से भरा पड़ा है. इसके अलावा यहां प आपको चमकदार सफेद रेत और हरे-भरे नारियल के पेड़ खूब नजर आएंगे. एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन लोगों के लिए ये जगह जनत से कम नहीं है. यहां पर स्कूबा डाइविंग, डीप वाटर फिशिंग और विंडसर्फिंग समेत कई वाटर गेम्स का इंतजाम है. इसी द्वीप पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने साल 1987 में परिवार और दोस्तों के साथ 10 दिन छुट्टियां बिताई थीं. तब वह बंगाराम द्वीप पर नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान अमिताभ बच्चन भी अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे थे.
किसकी गलती से लीक हुई सीक्रेट ट्रिप की जानकारी
तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1987 में परिवार और दोस्तों के साथ नए साल का जश्न मनाने के लिए बंगाराम की सीक्रेट ट्रिप प्लान की थी. गांधी परिवार ने इस गोपनीय यात्रा को मीडिया से छुपाए रखने की बहुत कोशिश की. सरकार ने भी गांधी परिवार की छुट्टी को गोपनीय बनाए रखने के लिए समुद्री और हवाई मार्गों से निगरानी की थी. लेकिन, फिर भी इसकी जानकारी लीक हो गई. दरअसल, उस दिन राहुल गांधी ने अपने चार दोस्तों के साथ लक्षद्वीप प्रशासन के नारंगी और सफेद रंग के हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी थी. इसके बाद ये सीक्रेट ट्रिप गोपनीय नहीं रहे गई थी. राजीव गांधी और सोनिया गांधी सबसे पहले 30 दिसंबर 1987 का बंगाराम पहुंचे थे.
गांधी परिवार ने इस यात्रा को मीडिया से छुपाए रखने की बहुत कोशिश की. लेकिन, फिर भी जानकारी लीक हो गई.
क्यों विवाद का कारण का कारण बन गई ट्रिप
बंगाराम की इस सीक्रेट ट्रिप के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनके परिवार ने नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था. युद्धपोत 10 दिन तक बंगाराम द्वीप पर यूं ही खड़ा रहा था. ट्रिप की जानकारी सामने आने के बाद आरोप लगाया कि उन्होंने आईएनएस विराट को टैक्सी बना डाला. बता दें कि ये द्वीप दक्षिण भारत में कोचीन से 465 किमी पश्चिम की ओर लक्षद्वीप के पास है. यह द्वीप उस समय पूरी तरह से निर्जन था. आधा वर्ग किमी में फैले इस द्वीप गर विदेशी नागरिकों के आने पर कोई पाबंदी नहीं थी. छुट्टी में शामिल लोगों में सोनिया गांधी की मां, बहन, बहनोई, भतीजी, भाई और मामा थे. राजीव गांधी की ये छुट्टियां अपने इटली के रिश्तेदारों की मौजूदगी के चलते सुर्खियों में रहा था.
फेरा उल्लंघन में फंसे थे अजिताभ बच्चन
सीक्रेट ट्रिप में शामिल लोगों में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, श्वेता बच्चन और अजिताभ बच्चन की बेटी भी थीं. अमिताभ बच्चन के भाई अजिताभ उस समय फॉरेन एक्सचेंज रेग्यूलेशन एक्ट के उल्लंघन के मामले में फंसे थे. राजीव गांधी की मुश्किलें अजिताभ बच्चन की बेटी के इस ट्रिप में मौजूद रहने की खबर लीक होने से ज्यादा ही बढ़ गईं. विपक्ष ने सवाल खड़ा कर दिया था कि इस तरह से राजीव गांधी उन अधिकारियों को क्या संदेश देना चाहते हैं, अजिताभ बच्चन की स्विट्जरलैंड की संपत्ति की जांच कर रहे हैं. जया बच्चन इस ट्रिप पर सबसे पहले 26 दिसंबर को ही पहुंच गई थीं. उनके साथ प्रियंका गांधी, अभिषेक और श्वेता बच्चन थे.
ट्रिप के लिए दिल्ली से पहुंचाई गई थी शराब
तत्कालीन पीएम राजीव गांधी की इस ट्रिप के लिए शराब नई दिल्ली से पहुंचाई गई थी.
कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने राजीव गांधी की छुट्टियों में नौसेना के व्यक्तिगत इस्तेमाल पर सवाल भी खड़े किए थे. पूरी छुट्टियों के दौरान अगत्ती में स्पेशल सेटेलाइट का सेटअप भी लगाया गया था. छुट्टियां खत्म होने पर सबसे पहले प्रियंका गांधी यहां से गोवा गईं. फिर बच्चन परिवार वहां से निकला. आखिर में राजीव गांधी राहुल गांधी के साथ नौसेना के हेलिकॉटर से एमिनी आइलैंड गए. एमिनी आईलैंड के कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी आईएनएस विराट में ही रुके थे. बंगाराम द्वीप से सबसे आखिर में सोनिया गांधी और उनके रिश्तेदार निकले थे.
राजीव गांधी की छुट्टियों में नौसेना के व्यक्तिगत इस्तेमाल पर सवाल भी खड़े किए गए थे.
जनवरी 1988 में ही मीडिया ने किया खुलासा
पीएम नरेंद्र मोदी ने मई 2019 में गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा था कि 1987 में राजीव गांधी पीएम रहते 10 दिन की छुट्टी मनाने के लिए एक खास द्वीप पर गए थे. तब गांधी परिवार ने छुट्टी मनाने के लिए युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था. पीएम मोदी ने 2019 में उस द्वीप का नाम नहीं बताया था. हालांकि, इंडिया टुडे ने 31 जनवरी 1988 को गांधी परिवार के उस सीक्रेट हॉलीडे की पूरी जानकारी सिलसिलेवार तरीके से प्रकाशित की थी. हालांकि, पीएम मोदी के आरोपों के बाद सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल विनोद पसरीचा ने कहा था कि तत्कालीन पीएम राजीव गांधी अपनी पत्नी के साथ युद्धपोत पर दो दिन के आधिकारिक दौर के लिए रहे थे. पसरीचा 1984 से 1989 तक आईएनएस विराट के इनचार्ज रहे थे.
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FIRST PUBLISHED : January 13, 2024, 19:52 IST


