जयपुर. राजस्थान में नई सरकार आते ही राजस्थान रोडवेज में सक्रियता एक बार फिर से बढ़ गई है. नई सरकार ने खस्ताहाल हो रखी रोडवेज में उम्मीद की नई किरण दिखाई है. नई सरकार में नए परिवहन मंत्री एवं डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने हाल ही में रोडवेज विभाग की बैठक लेकर इसमें जान फूंकने का प्रयास किया है. इसके तहत रोडवेज की दशा और दिशा सुधारने के लिए इसके प्लान को सरकार की 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल करने उस पर अमल करने के निर्देश दिए हैं.
नई सरकार में डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्रालय का भार संभाल रहे प्रेम चंद बैरवा ने रोडवेज विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर इसके कामकाज को समझा. डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद रोडवेज विभाग अब आगामी 100 दिनों में संयुक्त अभियान चलाएगा. इसके तहत आरटीओ और पुलिस विभाग की मदद भी ली जाएगी.
रोडवेज के अधिकारियों ने मंत्री को अपने खस्ताहाल बेड़े की हकीकत से रू-ब-रू करवाते हुए 76 नई एसी और 400 साधरण बसों को अनुबंध पर लेने का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव को नए परिवहन मंत्री ने मान लिया है और अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है. इससे अब रोडवेज के हांफ रहे बेड़े को संजीवनी मिलने की उम्मीद है. फिलहाल रोडवेज बसों का बेड़ा दिन प्रतिदिन सिमटता जा रहा है. रोडवेज बेड़े की करीब तीन हजार बसों में से आधी बसों की समय सीमा समाप्त हो चुकी है. वे कबाड़ की श्रेणी में आ गई हैं. फिर भी बसों के अभाव के चलते उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है.
रोडवेज एमडी नथमल डिडेल के अनुसार रोडवेज प्रशासन आगामी 100 दिनों में अपने वाहनों की फिटनेस पर भी ध्यान देगा. इसके लिए विभाग के फिटनेस सेंटर्स को पारदर्शी बनाया जाएगा. प्रदूषण जांच केन्द्रों को प्रभावी बनाया जाएगा. नई सरकार में रोडवेज विभाग को 100 दिनों में तेजी से परिणाम देने हैं. इसके लिए बसों की पुरानी प्रक्रियाओं को निरस्त कर दिया गया है. अब नए सिरे से बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. फिलहाल रोडवेज को एक बड़े बदलाव की सख्त दरकार है.
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FIRST PUBLISHED : January 15, 2024, 13:33 IST


