Thursday, February 26, 2026
Google search engine
HomeBlogINDIA Alliance: मेयर चुनाव में पिघली कांग्रेस और AAP के रिश्तों की...

INDIA Alliance: मेयर चुनाव में पिघली कांग्रेस और AAP के रिश्तों की बर्फ, लोकसभा सीट बंटवारे को क्या मिलेगी दिशा?


INDIA Alliance Big Update: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में सुलह होती दिख रही है. दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को मुलाकात की. इसी के साथ कयास लगाये जाने लगे कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के बीच दिलों और रिश्तों में जमी बर्फ पिघलनी शुरू हो गई है.

विपक्षी पार्टियों की INDIA गठबंधन बनने के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीटों पर सहमति सबसे मुश्किल दिखाई दे रही थी, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच पहले गठबंधन का शुरुआत हो गया है. ये गठबंधन चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए दोनों पार्टियों के बीच हुआ है. ये चुनाव दोनों पार्टी मिलकर लड़ने का फैसला किया है. पिछली बार इन दोनों के झगड़े के कारण बीजेपी का प्रत्याशी मेयर बना था, लेकिन अब गठबंधन के बाद बदली परिस्थितियों में दोनों पार्टियों को इसका फायदा मिलता हुआ दिखाई दे रहा है.

वोट की लड़ाई
दरअसल, चंडीगढ़ नगर निगम में बीजेपी के पास अपने सांसद के वोट को मिलाकर 15 वोट हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के पास 13 और कांग्रेस के पास 7 वोट हैं. यानी कि दोनों पार्टियों के पार्षद, अगर कोई क्रास वोटिंग नहीं करते हैं, तो आसानी से तीनों पद पर जीत सकते हैं. दोनों पार्टियों के बीच हुए समझौते के तहत मेयर पद पर आम आदमी पार्टी को कांग्रेस समर्थन करेगी और बदले में आम आदमी पार्टी वरिष्ठ डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर कांग्रेस के प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डालेंगे.

बड़े गेम की तैयारी
देखने में ये चुनाव एक छोटा सा नगर निगम का लग रहा है, लेकिन इससे निकलने वाला संदेश, गठबंधन के विपक्षी पार्टियों के लिए बड़ा हो सकता है. दरअसल, पिछली बार कांग्रेस ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था जिसका सीधा फायदा बीजेपी को मिला था. वह अपना मेयर बनवाने में कामयाब हो गई थी.

सकारात्मक बैठक
सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग की बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है. रविवार को राहुल गांधी को अपनी ‘न्याय यात्रा’ के लिए जाना था, लिहाजा दोनों पार्टियों के सुप्रीम नेताओं की शनिवार को ही बैठक हुई. राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सामूहिक बैठकों में जरूर मिलते रहे हैं, लेकिन आमने सामने बैठकर हुई ये पहली मुलाकात थी. जाहिर बात है कि बैठक से ये संदेश देने की कोशिश की गई कि दोनों पार्टियां सीट बंटवारे को लेकर गंभीर हैं और सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

पंजाब में अभी संशय
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल दोनों पार्टियां पंजाब में कोई गठबंधन नहीं कर रही हैं. यह भविष्य की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. अगर बीजेपी और अकाली दल भी अलग अलग चुनाव लड़ते हैं तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी अलग अलग लड़ेंगे. वैसे भी पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता में है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है. दोनों ही पार्टियों ने नेताओं को लगता है कि अलग-अलग चुनाव लड़ना ही सूबे में ठीक रहेगा, क्योंकि गठबंधन करने की सूरत में सत्ता विरोधी वोट बीजेपी और अकाली दल की ओर जा सकते हैं. जिससे उन्हें मजबूती मिल सकती है.

लोक सभा सीट पर भी बनेगी सहमती
चंडीगढ़ निगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर के चुनाव पर हुए समझौते के बाद चंडीगढ़ की लोकसभा सीट पर भी आपसी सहमति बनने की उम्मीद है. दिल्ली में भी दोनों पार्टियां गठबंधन करने के लिए इच्छुक हैं और 4/3 के फार्मूले पर सहमति बन सकती है. गुजरात की भरूच सीट से भी आम आदमी पार्टी ने चैतर बसावा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है, इस सीट पर भी सहमति बन सकती है. सूत्रों का कहना है कि आम आदमी पार्टी हरियाणा और असम में भी गठबंधन चाहती है, हालांकि अब तक इन दोनों राज्यों को लेकर कोई अंतिम रणनीति नहीं बनी है.

Tags: AAP, Chandigarh, Congress, Mallikarjun kharge, Rahul gadhi



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments