गुजरात के वडोदरा में हुई नाव दुर्घटना के कई सारे चश्मदीद व बच्चों के परिजनों ने अपनी आपबीती बताई है. अलग अलग मीडिया एजेंसियों से बातचीत में कुछ परिजनों ने बताया उनके बच्चों को लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई थी. इसके अलावा वहां सुरक्षा व्यवस्था का भी अभाव था. एक बच्ची के पिता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि कैसे उनके सामने ही पिकनिक मनाने गई, उनकी बेटी हमेशा के लिए इस जहान को छोड़कर चली गई और उनके पास आंसुओं के सिवाय कुछ नहीं बचा.
बता दें कि कुछ स्टूडेंट्स अपने टीचर्स के साथ इस झील में पिकनिक मनाने आए थे. नौका विहार के दौरान 27 बच्चों से भरी नाव पलट गई. जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई. काफी प्रयासों के बाद भी इनको नहीं बचाया जा सका. मरने वालों में 2 टीचर भी शामिल हैं. हादसे के बाद परिजनों ने अपना दर्द साझा किया. एक परिजन ने बताया कि उनका बेटा पिकनिक मनाने गया था, जहां उसकी तबियत कुछ बिगड़ गई. सूचना मिलने पर वह जब झील के किनारे पहुंचे, तो देखा कि उनका बेटा नाव में था. इस दौरान वह वहीं खडे होकर उसका इंतजार करने लगे तभी उनके सामने ही नाव पलट गई हालांकि उनके बेटे को बाद में बचा लिया गया.
दुकान वाले ने बचाई 4 बच्चों की जान
इस झील के पास चलाने वाले मुकेश ने बताया कि वह अपनी दुकान पर ही थे, कि इसी दौरान उन्होंने चीखने की आवाजें सुनीं. चंद सेकंड में उन्हें पूरा मामला समझ में आ गया और झील में तुरंत छलांग लगा दी. मुकेश कहते हैं कि उन्हें तैरना आता है और वह तुरंत नाव के पास पहुंचकर चार बच्चें को बाहर निकालने लगे.
जांच के आदेश
गुजरात के शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर ने इस मामले की जांच कराने के आदेश जारी किए हैं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें यह भी पता चला है नाव पर क्षमता से अधिक लोग थे बता दें कि नाव की क्षमता 14 यात्रियों की थी, लेकिन इस नाव में कुल 27 लोग सवार थे. मंत्री ने जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
.
Tags: Accident, Big accident, Boat Accident
FIRST PUBLISHED : January 19, 2024, 05:44 IST


