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एलयू के व्यापार प्रशासन विभाग में एमबीए कार्यक्रम में ‘अयोध्या के परिवर्तन’ पर पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को प्रबंधन के संदर्भ में अयोध्या का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। एलयू के व्यापार प्रशासन विभाग (लुम्बा) ने एमबीए कार्यक्रम में पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसे अगले सत्र में इनोवेशन एंड डिज़ाइन थिंकिंग में चतुर्थ सेमेस्टर में पेश किया जाएगा। यह कोर्स चार क्रेडिट का होगा।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि विद्यार्थियों को रामनगरी अयोध्या को अच्छे से समझने का मौका मिलेगा। इस पहल से छात्रों के लिए अयोध्या में परिवर्तनों को देखने और अनुभवात्मक शिक्षा को आत्मसात करने का एक आदर्श अवसर मिलेगा। कुलपति बताते हैं कि अयोध्या में आध्यात्मिकता, संस्कृति, परंपरा और विरासत के गौरवशाली अतीत के साथ-साथ वैश्विक प्रभाव को भी देखने को मिलेगा। दिव्यता और आस्था की आधुनिक दुनिया को इस पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
प्राचीन शहर से आधुनिक तीर्थस्थल में बदलने की स्टडी
व्यवसाय प्रशासन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता साहू ने बताया कि पाठ्यक्रम में अयोध्या के निवासियों के साथ संवाद करने और प्रक्रिया का विश्लेषण करने के लिए इंटर्नशिप को शामिल किया गया है। पाठ्यक्रम में परियोजनाओं और क्षेत्र अध्ययन को भी शामिल किया गया है। प्रो. संगीता साहू का कहना है कि इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अयोध्या के सभी क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित करके प्राचीन शहर से आधुनिक तीर्थस्थल में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन करना है।
22 जनवरी को भजन-कीर्तन, दीपोत्सव
एलयू में 22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन के मद्देनजर भजन-कीर्तन और दीपोत्सव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने एक पत्र जारी किया है। जिसमें 22 जनवरी को एलयू के टैगौर प्रांगण में दोपहर 2:30 बजे से भजन शुरू होंगे। 3 बजे से सुंदरकांड पाठ, 5 बजे आरती और 5:15 बजे दीपोत्सव होगा।
भाषा विश्वविद्यालय में मनाया जाएगा दीपोत्सव
भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि कैंपस में 22 जनवरी को अलग-अलग आयोजन किए जाएंगे। इसके अलावा दीपोत्सव भी मनाया जाएगा।


