Monday, January 12, 2026
Google search engine
HomeBlogयदुवंश, कृष्ण-कंस और धर्म की बात, पीएम मोदी का नाम लेकर बड़ा...

यदुवंश, कृष्ण-कंस और धर्म की बात, पीएम मोदी का नाम लेकर बड़ा सियासी गेम खेल गए मोहन यादव


हाइलाइट्स

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लालू और नीतीश का नाम तक नहीं लिया.
BJP की ओर से बिहार की सियासत को डॉ मोहन यादव के नाम से साधने की कोशिश.
बिहार में यादव समुदाय के 14 प्रतिशत से अधिक वोट, भाजपा की इस वोट बैंक पर नजर.

पटना. ”आप कृष्ण के वंशज हैं और धर्म की रक्षा के लिए अधर्मियों का नाश करना ही आपका काम है.” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पटना में आगे जो कहा वह और भी अहम है. सीएम मोहन यादव ने कहा, ”भगवान कृष्ण ने कंस वध किया, लेकिन राजा नहीं बने.” डॉ मोहन यादव ने एक खास बात भी कही जो काफी गौर करने लायक है और बड़ा सियासी संदेश भी देती है. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी की वजह से उन्हें मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है.राजनीति के जानकारों की दृष्टि में मुख्यमंत्री मोहन यादव के ऐसे वक्तव्यों के गहरे सियासी मायने हैं जो लालू यादव और उनके परिवार की राजनीति को चिंता में डालने वाली है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को गीता के बारे में कई बातें बताते हुए कहा, ”शिक्षा के क्षेत्र में हमारा समाज जागृत है. इसका उदाहरण 5000 साल पुराना है. भगवान कृष्ण ने जब कंस का वध किया, भगवान श्री कृष्ण ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने राजा का वध किया, लेकिन सिंहासन पर नहीं बैठे.” डॉ यादव ने कहा, ”आपने अगर गीता नहीं पढ़ी तो जीवन अधूरा है. गीता हमेशा मार्गदर्शन करते रहती है. भगवान कृष्ण हमारे वंश के तो हैं ही, लेकिन उनकी पहचान अधर्मियों को नाश करने की है. जिसने भी धर्म का रास्ता छोड़ा, भगवान श्री कृष्ण धर्म की स्थापना के लिए कदम आगे बढ़ाए.”

साफ है कि मोहन यादव ने बिना नाम लिए ही एक ओर लालू यादव एंड फैमिली को अपने निशाने पर रखा और दूसरी ओर राजद के ऐसे नेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो आए दिन सनातन धर्म, अयोध्या राम मंदिर एवं प्रभु श्रीराम के बारे में अनाप-शनाप बातें कहते रहते हैं. इसके आगे मोहन यादव ने यह भी कहा कि ”लोकतंत्र को जिंदा रखने में हमारे समाज की अहम भूमिका है. यादव समाज के लोग गाय पालकर भी अपना जीवन चलाते हैं. पीएम मोदी के कारण मुझे सीएम बनने का मौका मिला. चाय बेचकर मोदी जी पीएम बने. देश में विकास हो रहा है. विदेशों में भारत का डंका बज रहा है. मध्य प्रदेश में भगवान राम कृष्ण की जीवनी को स्कूलों में पाठ्यक्रम में शामिल कराया हूं.

राजनीति के जानकारों कहते हैं कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी की ओर से बहुत बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. यादव समुदाय को कृष्ण का वंशज बताते हुए धर्म का साथ देने वालों का साथ देने का आह्वान किया. इसके साथ ही यदुवंशियों को जागरूक करने के साथ ही पीएम मोदी के उनके जीवन में योगदान को भी श्रेय दिया और कैसे एक आम कार्यकर्ता को सत्ता के शीर्ष पर बिठा दिया, इसका उदाहरण देकर परिवारवाद पर भी अपरोक्ष रूप से अपनी बात सामने रख दी. मोहन यादव ने परिवारवाद की राजनीति के बहाने लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि ”बीजेपी ही एक ऐसी पार्टी है, जो कब किस कार्यकर्ता को पीएम और सीएम बना दे यह पता नहीं. दूसरे दल में पहले ये देखा जाएगा कि किस वंश के हैं और किस परिवार के हैं.’

राजनीति के जानकारों के अनुसार, यह सब कुछ बिहार के बड़े वोट बैंक यादव समुदाय को देखकर ही कहा गया और बड़ा संदेश देने का प्रयास किया. दरअसल, बिहार जैसे राज्य में राजनीति का सबसे बड़ा आधार जातिवाद माना जाता है. हाल में हुई जातिगत गणना सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में बिहार में यादवों की आबादी 14 प्रतिशत से अधिक है, और यह संख्या किसी भी तरह की राजनीति के लिए अति महत्वपूर्ण है. लेकिन, अब तक इस जाति पर पूर्ण रूप से लालू यादव एंड फैमिली का ही अधिकार माना जाता है. यादव समुदाय भी परंपरागत रूप से अपना नेता इसी परिवार में देखता रहा है. लेकिन, भाजपा की निगाह लगातार इस बड़े वोट बैंक पर लगातार टिकी हुई है.

बिहार में भाजपा इस एंगल से कई वर्षों के काम कर रही है कि यादव समुदाय को पार्टी से जोड़ा जाए. इसी क्रम में बीजेपी में यादव नेताओं को समय-समय पर आगे किया जाता रहा है. पार्टी नंदकिशोर यादव और नित्यानंद राय को प्रदेश अध्यक्ष भी बना चुकी है. कभी लालू यादव के हनुमान कहे जाने वाले रामकृपाल यादव को भी भाजपा अपने साथ जोड़ चुकी है. वह मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. हुकुमदेव नारायण यादव को भी भारतीय जनता पार्टी लगातार सम्मान देती रही है. उन्हें पद्म भूषण तक का सम्मान मिल चुका है. भूपेंद्र यादव ने प्रदेश में पार्टी प्रभारी की भी भूमिका निभाई थी. इसी प्रकार पार्टी ने नवल किशोर यादव को भी एमएलसी बनाया है.

राजनीति के जानकार कहते हैं कि दरअसल, बिहार में अब यादवों के एक वर्ग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर बड़ा आकर्षण है. विशेषकर धर्म-कर्म में विश्वास रखने वाले यादव परिवारों में पीएम मोदी को लेकर झुकाव भी देखा जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर बिहार में लालू यादव के परिवारवाद को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो चुके हैं. एक अनुमान के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव में सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल की कुछ सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों को 30 से 40% यादव वोट भी प्राप्त हुए थे. सबसे बड़ी बात ये है कि जिन सीटों पर यादवों का वोट बीजेपी को मिलने की बात कही जाती है, वहां मुस्लिमों की ज्यादा आबादी है. ऐसे में राजनीति के जानकार कहते हैं कि भाजपा का मोहन दांव इस आधार को आगामी 2024 लोकसभा चुनाव में बनाए और बचाए रखने का है.

सीएम मोहन यादव इतने भर ही नहीं रुके. पटना में श्रीकृष्ण चेतना मंच के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में डॉ मोहन यादव ने अपनी बात आगे बढ़ाई तो बिहार के पिछड़ेपन के लिए भी अप्रत्यक्ष रूप से लालू-नीतीश को जिम्मेदार ठहरा दिया. उन्होंने कहा, दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि बिहार वहीं थमा हुआ है, जबकि इसमें काफी गुंजाइश है. बिहार में कमी है तो लीडरशिप की. समाज में कोई कमी नहीं है. लेकिन, नेतृत्व क्षमता की कमी के कारण और अवसरपरस्ती के कारण से बिहार पिछड़ा है. बिहार को बीमारू राज्य से बाहर नहीं निकलने की बात कहते हुए मोहन यादव बिहार में बीजेपी सरकार बनाने का कर गए आह्वान कर गए. वे यह भी कह गए कि आने वाले समय में बिहार निश्चित तौर पर आगे बढ़ेगा और पीएम मोदी की अगुवाई में दोनों राज्यों के लोग मिलेंगे.

जाहिर है उन्होंने बिहार के लोगों को मध्य प्रदेश में काम काज करने का आह्वान कर एक भावुक रिश्ता भी बनाने की कोशिश की और खुद को बिहार का हितैषी बताया. राजनीति के जानकार कहते हैं कि बीजेपी नेतृत्व ने शायद बहुत सोच-समझकर मध्य प्रदेश की सत्ता मोहन यादव जैसे नेता के हाथों में सौंपने का फैसला किया. मोहन यादव ने अपना काम भी बखूबी किया और यदुवंशियों को विशेष संदेश दे दिया. वहीं, भाजपा ने भी यह संकेत दे दिया है कि पार्टी और संघ की विचारधारा में पले-बढ़े यादव नेता के दम पर वह बिहार को सियासी तौर पर साधने की कवायद में जुट गई है और मोहन यादव अपने पहले दौरे में काफी सधे हुए खिलाड़ी के तौर पर अपना गेम खेल गए.

Tags: Bihar politics, Bihar rjd, CM Madhya Pradesh, Mohan Yadav



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments