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अबू धाबी का एक कैफे दिलचस्प वजह से चर्चा में है। यह मिडिल ईस्ट का संभवतः पहला कैफे है जिसे आऊल यानी उल्लू कैफे नाम दिया गया है। इस बूमाह कैफे में नौ उल्लू हैं जहां जाकर आप उनके बारे में जान सकते हैं और 70 दिरहम यानी लगभग 1500 रुपए में उनके पास भी जा सकते हैं। यहां इन उल्लुओं की देखभाल के लिए प्रशिक्षक भी हैं। हालांकि अब वायरल हो रही क्लिप इंटरनेट यूजर्स को पसंद नहीं आ रही है। लोग इसे जानवरों के खिलाफ हिंसा बता रहे हैं। कैफे के मालिक मोहम्मद अल शेही ने कहा कि उन्हें यह आइडिया जापानी उल्लू कैफे से मिला था। कैफे का एक वीडियो हाल ही में कंटेंट क्रिएटर लिटिल फूडी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। क्लिप में कई उल्लू अपने नाम टैग और प्रजातियों की जानकारी के साथ एक लकड़ी के बोर्ड के पास दिखाई दे रहे थे। शेयर किए जाने के बाद से, वीडियो को इंस्टाग्राम पर 84,000 से अधिक लाइक और 1.7 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं।
इस दिलचस्प कैफे के कई वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के बाद कैफे को लोकप्रियता मिली थी। कैफे के मालिक मोहम्मद अल शेही ने टाइम आउट को बताया कि उल्लुओं की देखभाल कैफे के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कैफे हर दिन दोपहर 2 बजे खुलता है। इससे उल्लुओं को पूरी रात और सुबह भी पर्याप्त आराम मिलता है। इसके अलावा कैफे बंद होने के दौरन उन्हें स्वतंत्र रूप से घूमने के लिए छोड़ दिया जाता है। एनडीटीवी के हवाले से मालिक ने बताया कि सारे उल्लू जंगल में रहने लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा, “बूमाह के कुछ उल्लू कभी भी जंगल में नहीं रह सकते हैं, उदाहरण के लिए वीनस (टॉनी उल्लू) को ही लें। वह अधिक ऊंचाई पर या लंबी दूरी तक उड़ने में असमर्थ थी। बूमाह टीम की देखभाल के बाद वीनस अब एक स्वस्थ आठ वर्षीय उल्लू है जो विकलांगता के बावजूद खुशी से रह रही है।”
क्या कह रहे हैं इंटरनेट यूजर्स
इस वीडियो पर कुछ यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा, “मेरा मतलब है कि पक्षियों को तब तक आजाद रहना चाहिए जब तक कि इन पक्षियों को देखभाल की जरूरत न हो लेकिन आप उन्हें स्वस्थ होने के बावजूद कैद में रख रहे हैं। पिंजरे में बंद जानवरों से पैसे कमाना बहुत गलत है।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “क्या हम मनोरंजन और पैसे के लिए जानवरों का इस्तेमाल करना बंद कर सकते हैं? यह पूरी तरह गलत है”
एक दूसरे शख्स ने लिखा, “यह जानवरों के साथ क्रूरता है।” एक यूजर ने टिप्पणी की, “जानवरों से मनोरंजन कब बंद होगा! हम इंसान खतरनाक हैं!! ये पक्षी जंजीरों में जकड़े हुए हैं यह दिल दहला देने वाला है।” वहीं एक शख्स ने तो लोगों को इस जगह पर ना जाने की ही सलाह दे दी। उसने लिखा, “उन बेचारे पक्षियों को देखना भयानक है और उनका जीवन कितना दुखद है और यह पूरी तरह से उनके स्वभाव के विरुद्ध है। इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और कृपया इस स्थान पर न जाएं।”


