अरशद खान/देहरादून: प्राचीन समय से ही हमारे घरों में हल्दी का इस्तेमाल केवल मसाले के तौर पर ही नहीं किया जाता है, बल्कि इसे एक आयुर्वेदिक औषधि भी माना गया है. वहीं आज हम आपको एक ऐसी हल्दी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो जल्दी से आपने अपने घरों में नहीं देखी होगी. अमूमन हमारे घरों में इस्तेमाल होने वाली हल्दी पीली होती है, लेकिन आज हम जिस हल्दी के आपको स्वास्थ्य लाभ बताने जा रहे हैं यह पीली नहीं बल्कि इसे काली हल्दी कहा जाता है. मूल रूप से यह हल्दी मेघालय में होती है, लेकिन उत्तराखंड में भी अब इसकी पैदावार हो रही है. अदरक प्रजाति की इस हल्दी के अनेकों स्वास्थ्य लाभ हैं और ज्यादातर इसका इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है.
लोकेल 18 से बातचीत में BAMS आयुर्वेदिक डॉक्टर प्रेरणा गुसाईं कहती हैं कि काली हल्दी के स्वास्थ्य लाभ के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है. लेकिन यह हल्दी पेन किलर का बहुत अच्छा काम करती है और दर्द से छुटकारा दिलाने में यह बेहद लाभकारी है. दांत दर्द से लेकर सिर में होने वाले माइग्रेन तक में ये बहुत आराम पहुंचाती है. बहुत कम मात्रा में इसका सेवन करने से ऑस्टियोऑर्थराइटिस से लेकर पेट के दर्द, गैस और रैशेज जैसी समस्या में भी आराम मिलता है.
डाइजेशन और लीवर की समस्याओं को करे दूर
काली हल्दी के नियमित सेवन से डाइजेशन सही होता है. साथ ही लिवर संबंधित सभी बीमारियों में भी काली हल्दी का सेवन लाभकारी है. ध्यान रहे कि बहुत थोड़ी सी मात्रा में काली हल्दी को पानी के साथ लेने से आपको इन समस्याओं से निजात मिल सकती है.
खांसी जुकाम ठीक करने मददगार
काली हल्दी को खांसी जुकाम का रामबाण इलाज माना जाता है. बस आपको करना यह है कि काली हल्दी के छोटे टुकड़े को अपने मुंह में डालकर धीरे-धीरे चूसते रहें और यह आपके गले से कफ, खांसी की समस्या, जुकाम की समस्या को मानों जैसे छूमंतर कर देती है.
.
Tags: Health benefit, Hindi news, Local18
FIRST PUBLISHED : February 12, 2024, 14:48 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


