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भारत के 75वें गणतंत्रता दिवस के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि 2030 तक फ्रांस 30,000 भारतीय छात्रों पसंद बनने के लिए प्रयास कर रहा है। 26 जनवरी को उन्होंने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि यह यूके और कनाडा की जगह शिक्षा के लिए पसंदीदा जगह बनेगा। राष्ट्रपति ने भारतीय छात्रों की संख्या 2030 तक 30,000 बढ़ाकर करने का फ्रांस सरकार का प्लान भी साझा किया। राष्ट्रपति मैक्रों ने पोस्ट करते हुए कहा, “2030 में फ्रांस में 30000 भारतीय छात्र होंगे।” यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण लक्ष्य है, लेकिन मैं इसके लिए दृढ़ संकल्पित हूं।
राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय छात्रों बड़े तादाद में आवाजारी को आसान बनाने का प्लान बताया और कहा कि वह इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। फ्रांसर सरकार की ओर से इस दिशा में शुरू की गई पहल को “French For All, French For a Better Future,” नाम दिया गया है।
उन्होंने फ्रेंच में दक्षता को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्कूलों में नई भाषाओं के ज्ञान बढ़ाने के लिए संस्थानों का अह्वान किया। उन्होंने बताया कि फ्रेंस भाषा को सीखने के लिए न्यू फ्रेंच लर्निंग सेंटरों की लॉन्चिग और इनसे संबंधित फ्रेंचाइजीज का नेटवर्क इस पहल की महत्वपूर्ण शुरुआत होगी।
इससे से भी ज्यादा, फ्रांस सरकार अंतरराष्ट्रीय कक्षाएं भी स्थापित करने का विचार कर रहा है जिससे छात्रों को बिना किसी फ्रेंस कम्प्टीशन के विश्वविद्यालयों में नामांकन मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए कहने की जरूरत नहीं है कि पूव भारतीय छात्र जिन्होंने पहले फ्रांस में पढ़ाई की होगी उनके लिए वीजा अप्लीकेशन प्रोसेस भी आसान बनाया जाएगा।
आपको बता दें टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग की ओर से जारी क्यूएस रैंकिंग में फ्रांस के 35 विश्वविद्यालय शामिल किए गए हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि फ्रांस में आने का मतलब होगा कि एक्सीलेंस की तलाश। यह प्रतिबद्धता फ्रांस लक्ष्य आधारित संस्थानों लिए होगी जो उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय एकेडमिक हब बनाएगा।


