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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में वार्षिक परीक्षाओं के पहले ही दिन बड़ी खामी उजागर हुई है। टाइम टेबल बदलने के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं छूट गईं। जिसके बाद करीब 100 परीक्षार्थियों ने अलग से परीक्षा कराने की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
डीडीयू में वार्षिक, प्राइवेट, बैंक पेपर, अंक सुधार आदि की परीक्षाएं 9 अप्रैल से शुरू हुई हैं। पहले दिन कुल 30 विषयों की परीक्षा का आयोजन होना था। इन परीक्षाओं के लिए टाइम टेबल अप्रैल के शुरुआत में ही जारी कर दिया गया था। उसके बाद छात्रों ने इस टाइम टेबल को डाउनलोड कर दिया था। टाइम टेबल के मुताबिक सुबह 7 से 10 बजे तक और दोपहर 2 से 5 बजे तक परीक्षा आयोजित की जानी थी, लेकिन ऐसा न हुआ। बाद में टाइम टेबल बदल दिया गया। इसमें परीक्षा सुबह 8 से 11 बजे और दोपहर 1 से 4 बजे तक परीक्षाएं निर्धारित की गई थीं। इसके अलावा दोपहर की शिफ्ट में होने वाली कई परीक्षाएं सुबह की शिफ्ट में कराने का निर्णय लिया गया था।
सैकड़ों परीक्षार्थियों ने पहले ही टाइम-टेबल डाउनलोड कर लिया था। उन्हें रिवाइज्ड किए गए टाइम-टेबल की कोई जानकारी नहीं थी। एक-दो दिन पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें भी परीक्षा की तारीख, समय और परीक्षा केंद्र के बारे में कोई जानकारी नहीं लिखी थी।
वहीं दोपहर में 1 बजे जब छात्र विश्वविद्यालय केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे, तब पता चला कि उनकी परीक्षा शिफ्ट शिफ्ट में ही समाप्त हो गई है। यह सुनकर परीक्षार्थी सन्न रह गए। वे सोचने लगे कि ऐसा कैसे हो गया।
साल न खराब हो, इसलिए वे कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी के पास पहुंचे। कुलसचिव ने मामले की बारीकियों को समझते हुए दोबारा परीक्षा का आश्वासन दिया, लेकिन परीक्षार्थी लिखित आदेश की मांग करने लगे। लिखित आदेश नहीं निकलने पर परीक्षार्थी कुलपति कार्यालय पहुंचे और घेराव कर दिया।


