Hailstorm Alert: देश के कई हिस्सों में बेमौसम आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासतौर पर रबी की फसलें इस बदलते मौसम से प्रभावित हो रही हैं. ऐसे हालात को देखते हुए केंद्र सरकार भी सक्रिय हो गई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित राज्यों से संपर्क कर फसल नुकसान का आकलन करने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की तुरंत कटाई के लिए क्यों अलर्ट किया है.
कई राज्यों में फसलों को भारी नुकसान
उत्तर भारत और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम के अचानक बदले मिजाज का सीधा असर खेती पर पड़ा है. बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में गेहूं की तैयार फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है. कई जगह तेज हवा और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर गई. पंजाब और हरियाणा में हालात और गंभीर हैं, जहां बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है. इसे कटाई का काम रुक गया है और मशीनों का संचालन भी मुश्किल हो गया है. इसके चलते मंडियों तक अनाज पहुंचाने में भी देरी की आशंका बढ़ गई है.
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राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
राजस्थान में भी सोमवार यानी आज मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है. दरअसल, मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर सहित कई इलाकों में इसका असर देखने को मिलेगा. 7 अप्रैल को इस सिस्टम का प्रभाव चरम पर रहने की संभावना है, जब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती है. हालांकि 9 अप्रैल के बाद मौसम फिर से नॉर्मल होने की उम्मीद जताई जा रही है.
ओलावृष्टि से रबी फसलों को झटका
प्रदेश के कई जिलों में पहले ही ओलावृष्टि से गेहूं और चना जैसी फैसले बर्बाद हो चुकी है. जोधपुर, दोसा, करौली और चूरू जैसे इलाकों में खड़ी फैसले खेतों में गिर गई. वहीं कटी हुई फसल भी खराब हो गई. सब्जी और फल फसलों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई. बदलते मौसम को लेकर कृषि एक्सपर्ट्स ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है. जहां फसल तैयार हैं वहां तुरंत कटाई करने को कहा गया है, ताकि नुकसान कम किया जा सके. बागवानी फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए जाल लगाने और कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की भी हिदायत दी गई है. पशुपालकों को भी खराब मौसम के दौरान मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं केंद्र सरकार ने भी प्रभावित राज्यों से फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी है. सरकार का कहना है कि नुकसान का आकलन होने के बाद किसानों के लिए राहत उपायों की घोषणा की जाएगी.
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