हाइलाइट्स
हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा औऱ कांग्रेस आमने-सामने.
हिमाचल में साल के 9 महीनों में कुल 10 हजार 167 मामले दर्ज हुए.
शिमला. हिमाचल प्रदेश मे कानून व्यवस्था को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं. हिमाचल पुलिस के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो इस साल के शुरूआती 9 महीनों में प्रदेश में 67 मर्डर के मामले सामने आए हैं. हत्या के प्रयास के 51 और रेप क 265 मामले दर्ज हुए हैं. साथ ही दंगे की धाराओं में प्रदेश के अलग अलग थानों में 268 मामले दर्ज हुए हैं. कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है.
हिमाचल पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 30 सितंबर 2023 तक प्रदेश में हत्या की धारा में 67 मामले दर्ज हुए. हत्या के प्रयास के 51, रेप के 265, अपहरण के 343, महिलाओं के प्रति क्रूरता के 172, महिलाओं से छेड़छाड़ के 386, दंगे की धारा के तहत 268 मामले, चोरी के 539, सेंधमारी के 379, डकैती का 1 और रॉबरी के 7 मामले दर्ज हुए हैं. आईपीसी की धाराओं के तहत अन्य सभी मामलों को देखें तो साल के इन 9 महीनों में कुल 10 हजार 167 मामले दर्ज हुए हैं.
भाजपा के आरोपों का सरकार ने दिया जवाब
कानून व्यवस्था पर भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए सीएम के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता. कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है. आरोप लगाने वाले पहले अपना कार्यकाल देख लें. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय की तुलना में वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं.
भाजपा सरकार में भी हाल अच्छा नहीं था
भाजपा की ओर से सरकार को घेरा तो जा रहा है लेकिन उनके अपने कार्यकाल के दौरान भी कानून व्यवस्था के हाल ठीक नहीं थे. जय राम सरकार के कार्यकाल के अंतिम साल यानी 2022 में आपराधिक मामलों को देखें स्थिती चिंताजनक थी. साल 2022 में 86 मर्डर, हत्या के प्रयास के 73, रेप के 358, अपहरण के 414, दहेज के कारण महिला की मृत्यु का 1, महिलाओं के प्रति क्रूरता के 196, महिलाओं से छेड़छाड़ के 501, दंगे की धारा के तहत 381 मामले, चोरी के 670, सेंधमारी के 491, रॉबरी के 8 मामले दर्ज हुए हैं. 2022 में आईपीसी की धाराओं के तहत कुल 13 हजार 233 मामले दर्ज हुए हैं.

क्या कहती है भाजपा
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि हिमाचल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. प्रदेश में कानून व्यवस्था की रीढ़ टूट गई. हिमाचल में अब राम राज्य नहीं बल्कि दुख राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि ऊना में चाकू और बंदूक की नोक पर लोगों से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया. कांगड़ा में नाबालिग लड़की को स्कूटर से अगवा कर दुष्कर्म किया गया. बद्दी-नालागढ़ में डबल मर्डर का मामला सामने आया. एटीएम चोरी के मामले हैं. कारोबारियों से फिरौती के मामले सामने आ रहे हैं. इतना ही ऊना में नशा मुक्ति केंद्र में ही नशा बेचने का भी मामला सामने आया है. नंदा ने कहा कि चंबा में जो मर्डर हुआ, उसे कौन भूल सकता है.
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Tags: Crime Against Child, Crime Against woman, Himachal Government, Himachal pradesh, Shimla News Today
FIRST PUBLISHED : November 16, 2023, 09:13 IST


