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इंदिरा गांधी खुला विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इग्नू की ओर से जारी डेटा के अनुसार बिहार के ग्रामीण इलाके से करीब 72 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का नामांकन उच्च शिक्षा के लिए होता है। इसमें आधी आबादी की मुख्य भूमिका है। वर्तमान में इग्नू से अलग-अलग कोर्सों में 42 प्रतिशत महिलाएं नामांकन लेकर पढ़ाई कर रही हैं। यही वजह है बिहार में इग्नू में नामांकन अधिक संख्या में हो रहा है। सबसे ज्यादा नामांकन ओबीसी के छात्र-छात्राओं का हो रहा है। इग्नू में करीब 36 प्रतिशत ओबीसी कैटोगेरी के छात्र-छात्राएं नामांकन करा रहे हैं। सबसे अच्छी बात है कि इग्नू में नामांकन लेने वाले अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं का प्रतिशत अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं से ज्यादा है। इग्नू में 12 प्रतिशत नामांकन अनुसूचित जाति का है, वहीं अल्पसंख्यक समुदाय का नामांकन 8.5 है। सबसे कम नामांकन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को सिर्फ पांच प्रतिशत है। यहां नामांकन बढ़ने का एक और बड़ा कारण है कि बिहार में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई सभी विवि में बंद हो चुकी है। यहां तक नालंदा खुला विवि में नामांकन बंद है।
नामांकन में बढ़ोतरी:
इंदिरा गांधी खुला विश्वविद्यालय पटना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अभिलाष नायक ने बताया कि इसके तहत 17 जिलें आते हैं। सबसे अधिक दाखिला ग्रामीण जिलों से है। हाल में नामांकन में अप्रत्यशित वृद्धि हुई है। कारण है समय पर हर सुविधा उपलब्ध कराना।
दाखिले पर एक नजर:
वर्ष 2017 –33,773
वर्ष 2018 — 39,497
वर्ष 2019 — 51,817
वर्ष 2020 — 63,525
वर्ष 2021 –65,504
वर्ष 2022 –70,594
वर्ष 2023 — 86,250


