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NCERT की यूनिट ‘परख’ ने कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों की परफॉर्मेंस को मोनिटर करने के लिए कुम्युलेटिव क्रेडिट सिस्टम की सलाह दी है, जिससे छात्रों के बोर्ड परीक्षा और उनके विकास पर ध्यान रखा जा सके। इसके लिए काउंसिल जल्द ही सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड से मिलेगी, जिससे वे भी अपने राज्यों में इस सिस्टम को अपना और लागू कर सकें।
परख, एक नेशनल असेसमेंट सेंटर है, जिसने सभी स्कूल बोर्ड जिसमें CISCE और CBSE भी शामिल हैं। उनके लिए कक्षा नौवीं से बारहवीं तक समग्र प्रगति कार्ड (HPC) को अपनाने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय को काउंसिल द्वारा इस विषय पर रिपोर्ट दी गई है, जिस पर अभी मंत्रालय ने कोई जवाब नहीं दिया है।
HPC के जरिए छात्र के सहपाठी, माता-पिता और वे खुद विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पूरी वर्ष की प्रोग्रेस को चेक कर पाएंगे और उस पर विचार कर पाएंगे। सभी छात्रों और उनके माता-पिता से उनके विकास पर फीडबैक भी लिया जाएगा। सीनियर कक्षाओं के छात्रों के प्रोग्रेस कार्ड में उनके भविष्य के प्लान, वोकेशनल कोर्स, करियर से जुड़ी भी सभी जानकरी होगी। यह एक ऐसा डॉक्यूमेंट होगा, जिसमें छात्रों से यह पूछा जाएगा कि वे अपने आप को आज से दस साल बाद कहाँ देखते हैं और किस प्रकार वे समाज में सुधार करने में अपना योगदान देंगे।
परख में स्कूलों को यह भी सलाह दी है कि वे एक ऐसे सिस्टम का निर्माण करें, जिससे छात्रों की परीक्षा तभी हो, जब वे परीक्षा देने के लिए पूरी तरह से तैयार हों।
परख के जरिए सभी छात्रों के विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। यह एक नई पहल है, इससे पहले हमने कभी भी स्कूलों में ऐसा प्रोग्रेस कार्ड नहीं सुना, जो छात्र के विकास की हर जानकारी रखे और उन्हें एक सफल भविष्य निर्माण करने में सहायता करें। भारत में नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे छात्रों का पूर्ण विकास सुनिश्चित हो सके।


