Tattoo Ink Ingredients: दोस्त या सहेली के हाथ-गर्दन पर बने टैटू को देखकर अगर आपका मन भी लाल, पीले, नीले टैटू बनवाने के लिए उतावला हो रहा है तो इसे शांत कर लीजिए. टैटू का ये क्रेज आपको अस्पताल में पहुंचा सकता है. भले ही आप कितने ही ब्रांडेड प्रोडक्ट इस्तेमाल करने वाले टैटू मेकर के पास जा रहे हों, आपके हाथ, पैर, गर्दन, पेट यहां तक कि शरीर के किसी भी हिस्से पर बनाए जा रहे रंग-बिरंगे टैटू आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं और ऐसी बीमारी दे सकते हैं जो पूरी तरह ठीक हो पाना मुश्किल है. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो टैटू की रंगीन स्याही में कुछ बेहद खतरनाक कैमिकल होते हैं. टैटू के साइड इफैक्ट्स की वजह से दर्जनों मरीज रोजाना अस्पतालों के डर्मेटोलॉजी विभाग में आ रहे हैं.
यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, नोएडा के डर्मेटोलॉजी विभाग में कंसल्टेंट डॉ. शिखा खरे की मानें तो टैटू की वजह से हेल्थ इश्यूज वाले बहुत सारे मरीज उनके पास दिखाने के लिए आ रहे हैं. इनमें एक बड़ी संख्या उन लोगों की है जो टैटू को रिमूव कराने के लिए अस्पताल आते हैं.
किस कलर का टैटू है खराब
डॉ. शिखा बताती हैं कि अगर आप टैटू बनवाने जा रहे हैं तो सबसे पहले टैटू की इंक की जानकारी जरूर ले लें. इंक के इंग्रीडिएंट्स को जरूर पढ़ें. हमेशा ध्यान रखें कि काली स्याही वाला टैटू बनवा सकते हैं. यह बाकी अन्य रंगों वाले टैटू के मुकाबले थोड़ा सुरक्षित होता है. इसके बाद आता है डार्क या लाइट ब्राउन रंग का टैटू, यह भी काफी हद तक सेफ होता है लेकिन इसके लिए भी पहले पैच टेस्ट जरूरी है. जबकि अन्य रंगों की स्याही वाले टैटू जैसे लाल, नीला, पीला और हरा, ये देखा जा रहा है कि ज्यादा एलर्जिक होते हैं. इनके साइड इफैक्ट्स ज्यादा देखे जा रहे हैं. इन सभी रंगों में भी लाल रंग का टैटू सबसे ज्यादा एलर्जिक होता है. लाल रंग के टैटू वाले मरीज सबसे ज्यादा एलर्जी की शिकायत लेकर अस्पताल आते देखे गए हैं.
टैटू की लाल रंग की स्याही में ऐसा क्या होता है?
डॉ. कहती हैं कि टैटू की काले रंग की स्याही में आयरन ऑक्साइड होता है जो त्वचा के लिए सुरक्षित होता है. इसके साइड इफैक्ट भी कम होते हैं. जबकि अन्य रंगों की स्याही में कई खतरनाक मेटल, पदार्थ मिले होते हैं जो जहरीले होते हैं.
. लाल रंग की स्याही में सिनेबार यानि सिंगरिफ होता है. यह सिंदूरी रंग का एक तरह का खनिज है मर्क्यूरिक सल्फाइड से बना होता है जो टॉक्सिक होता है. इसकी टॉक्सिसटी की वजह इसमें मिला हुआ पारा है.
. लाल या अन्य कई रंगों में कैडमियम मिला होता है. यह नरम धातु है लेकिन जहरीली होती है. इसके शरीर में पहुंचने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.
. टैटू की इंक में मरकरी पाया जाता है जो उसे शाइनी बनाता है. हालांकि यह बेहद खतरनाक मैटल है और ह्यूमन हेल्थ के लिए टॉक्सिक है.
. लाल, नीली, पीली और हरी स्याही में कोबाल्ट ब्लैक भी पाया जाता है, जिसके एक्सपोजर से आंख, स्किन, हार्ट और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है.
. ये सभी ऐसे पदार्थ हैं जो त्वचा, फेफड़े, हार्ट, आंखों को तो नुकसान पहुंचाते ही हैं इसके अलावा ये कैंसर जैसे रोगों को बढ़ाने वाले कार्सिनोजेन पदार्थ भी हैं.
टैटू की स्याही की शीशी पर पढ़ लें ये चीजें..
डॉ. शिखा कहती हैं कि वे कभी भी लोगों को टैटू बनवाने की सलाह नहीं देतीं. ये सेहत के लिए खराब हैं. टैटू की स्याही नीडल के द्वारा शरीर की त्वचा और अंदर के भागों में प्रवेश कर जाती है, जिसके कई खतरनाक साइड इफैक्ट्स कुछ समय के बाद देखने को मिलते हैं. इसलिए टैटू को लेकर बेहद सावधानी तो बरतें ही जब भी टैटू बनवाने जाएं तो इंक की शीशी पर जरूर पढ़ लें कि कहीं स्याही में ये खतरनाक पदार्थ तो नहीं मिले हैं.
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FIRST PUBLISHED : February 28, 2024, 15:04 IST


