UP Farmers Helpline Number : उत्तर प्रदेश में किसानों की परेशानियों को कम करने और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने एक नई पहल की है. अब किसानों को कृषि विभाग के चक्कर लगाने की बजाय घर बैठे ही एक फोन कॉल के जरिए सभी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इस पहल से किसानों का समय बचेगा और उन्हें योजना, अनुदान और कृषि तकनीक के बारे में सीधे जानकारी मिल सकेगी.
हाल ही में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने लखनऊ में कृषि निदेशालय में नई हेल्पलाइन का भी उद्घाटन किया. यह पहल किसानों के लिए सरल, तेज और उपयोगी जानकारी का एक बड़ा साधन साबित होगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि खेती-किसानी में दिक्कत आ रही हो तो कौन सी एक कॉल पर समाधान मिलेगा और यूपी के किसान क्या नंबर नोट कर लें.
खेती-किसानी में दिक्कत पर कौन सी एक कॉल पर समाधान मिलेगा
नई हेल्पलाइन का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं, खेती में दिक्कत और अन्य कृषि संबंधी जानकारियों के लिए बार-बार कार्यालय आने की जरूरत से बचाना है. अब किसान सिर्फ एक फोन कॉल करके सब्सिडी, योजनाओं, सोलर पंप, कृषि यंत्रों और विभाग से जुड़ी अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. यह नंबर 0522-2317003 है. इसका समय सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक होता है. किसान इस नंबर पर कॉल करके आसानी से यह जान सकते हैं कि कौन-कौन सी योजनाएं उनके लिए उपलब्ध हैं और कैसे उनका लाभ उठाया जा सकता है.
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किन बातों की मिलेगी जानकारी
इस हेल्पलाइन पर किसान जान सकते हैं कि कौन-कौन से यंत्रों पर सब्सिडी मिलती है. बीज, उर्वरक और कीटनाशक पर मिलने वाली सहायता और योजनाओं की जानकारी मिलेगी. हर योजना का पूरा विवरण और आवेदन प्रक्रिया पता कर सकते हैं. खेती की उत्पादकता बढ़ाने और आय में सुधार करने के लिए नवीनतम तकनीक और अनुसंधान जान सकते हैं. इससे किसान एक ही कॉल में कई जरूरी जानकारियां हासिल कर सकते हैं, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बचेंगे.
यूपी के किसान और कौन से नंबर नोट कर लें
किसानों को अब फसल नुकसान की तुरंत सूचना देने या फसल बीमा योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए भी कई ऑप्शन मिल गए हैं. जिसमें टोल-फ्री नंबर 14447 (KRPH), व्हाट्सएप चैटबॉट 7065514447, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप और फसल बीमा पोर्टल शामिल हैं. अगर किसी किसान को फसल बीमा से संबंधित कोई समस्या pmfby.gov.in आती है, तो वह अपने जनपद के उप कृषि निदेशक या जिला कृषि अधिकारी से सीधे संपर्क कर सकता है. इसके अलावा बीमा कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि से भी सहायता ली जा सकती है. इस पहल का मकसद किसानों को आपदा की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाना और बीमा प्रक्रियाओं को आसान बनाना है.
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