Nigella Seeds Tips: कलौंजी का इस्तेमाल भारतीय रसोई में मसाले के तौर पर लंबे समय से किया जाता है. अचार का स्वाद बढ़ाना हो या फिर सेहत दुरुस्त रखनी हो इसे इस्तेमाल किया जाता है. औषधीय गुणों से भरपूर इन काले बीजों को बाजार से खरीदने के बजाय अब आसानी से घर पर ही उगाया जा सकता है. अगर आपके पास गमला या छोटा सा बालकनी गार्डन है.
तो बिना किसी खास मेहनत के आप शुद्ध ऑर्गेनिक कलौंजी तैयार कर सकते हैं. इसके नीले और सफेद रंग के खूबसूरत फूल न सिर्फ देखने में प्यारे लगते हैं बल्कि सूखने के बाद ढेरों बीज भी देते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि अपने घर में कलौंजी का पौधा कैसे लगा सकते हैं और किस तरह करनी होगी उसकी देखभाल.
ऐसे करें मिट्टी की तैयारी
घर में कलौंजी उगाने के लिए सबसे पहले 10 से 12 इंच का ऐसा गमला चुनें, जिसमें नीचे पानी निकलने का अच्छा सुराख हो. मिट्टी तैयार करने के लिए 60% सामान्य बगीचे की मिट्टी में 40% गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिला लें.
बीज बोने का सही तरीका
रसोई में इस्तेमाल होने वाली साबुत कलौंजी के बीजों को मिट्टी की ऊपरी सतह पर हल्का सा छिड़क दें और ऊपर से हल्की मिट्टी की परत से ढक दें. इसके बाद स्प्रे बोतल से थोड़ा पानी छिड़कें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ दिन में 4 से 5 घंटे की धूप मिलती हो. महज 7 से 10 दिनों में छोटे-छोटे अंकुर बाहर आने लगेंगे.
यह भी पढ़ें: किसानों के लिए वरदान हैं सरकार की ये 5 योजनाएं, आज ही कर लें आवेदन, मिलेगा जबरदस्त फायदा
पौधे की देखभाल के टिप्स
जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं तो इनमें बहुत ज़्यादा पानी न डालें मिट्टी सूखने पर ही पानी दें जिससे जड़ें न सड़ें. लगभग 2 से 3 महीने में पौधे पर सुंदर फूल आने लगते हैं. जो बाद में फल बन जाते हैं. जब यह फल पककर भूरे रंग के होने लगें और सूखने लगें. तब समझ जाएं कि कलौंजी तैयार है.
बीजों की कटाई
कलौंजी के पके हुए फलों को पौधे से तोड़कर धूप में सुखा लें और हाथों से मसलकर काले बीज अलग कर लें. इन ताज़े बीजों को छानकर किसी एयरटाइट डिब्बे में रख लें. इस तरह बेहद कम देखभाल में आप घर बैठे शुद्ध और केमिकल-फ्री कलौंजी हासिल कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें: पिछले 50 साल में कितनी बदली भारत की खेती? क्या अब भी गरीब है किसान- कितनी हुई मुनाफा वृद्धि


