
अरहर की खेती में सबसे पहला कदम उन्नत बीजों का चुनाव और उनका सही उपचार करना है. वैज्ञानिक तरीके से बीजों को ट्रीट करने से पौधों की इम्यूनिटी बढ़ती है और वे शुरुआत से ही बीमारियों से बचे रहते हैं. ‘सीड ट्रीटमेंट’ न केवल फसल को मजबूती देता है, बल्कि मेहनत और कीटनाशकों पर होने वाले खर्च को भी काफी कम कर देता है.

आजकल अरहर उगाने के लिए मेड़ विधि एक क्रांतिकारी तरीका साबित हो रही है. इस तकनीक में पौधों को मेड़ों पर लगाया जाता है, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और एक्स्ट्रा पानी आसानी से निकल जाता है. यह तरीका पौधों की जड़ों को ज्यादा गहराई तक जाने में मदद करता है जिससे फसल लहलहा उठती है.
Published at : 09 May 2026 07:23 PM (IST)


