Sponge Gourd Farming Tips: देश में करोड़ों की संख्या में किसान रहते हैं. जिनके लिए खेती अब सिर्फ हाड़तोड़ मेहनत का काम नहीं रह गया है. बल्कि नई तकनीक और तरीकों के इस्तेमाल से ज्यादा मुनाफे का सौदा बन गया है. अगर आप भी पुरानी फसलों के चक्कर में फंसकर वही घिसी-पिटी कमाई कर रहे हैं. तो अब थोड़ा हटकर सोचने का वक्त आ गया है. नेनुआ यानी तोरई की खेती सुनने में तो बहुत साधारण लगती है.
लेकिन अगर इसे नए जमाने के हिसाब से किया जाए तो यह आपकी किस्मत चमका सकती है. नई तकनीक और थोड़े से मैनेजमेंट के साथ आप अपनी लागत को कई गुना मुनाफे में बदल सकते हैं. बहुत से किसान अब जमीन पर फसल उगाने के बजाय ऊंचे-ऊंचे मचान बनाकर फसल लहलहा रहे हैं और लाखों बटोर रहे हैं. चलिए जानते हैं कि कैसे आप भी खेती के इस तरीके को अपनाकर कम समय में बंपर कमाई का जरिया बना सकते हैं.
मचान विधि से करें नेनुआ की खेती
खेती में अगर आप ज्यादा मुनाफा चाहते हैं. तो आपको फसल की चमक और उसकी क्वालिटी पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा. मचान विधि यानी ऊंचे ढांचे पर बेलों को चढ़ाना, नेनुआ की खेती के लिए सबसे बेहतर तरीका साबित हो रहा है. जब फसल जमीन के संपर्क में नहीं आती. तो उसमें कीड़े लगने या सड़ने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है और फल बिल्कुल सीधा और हरा-भरा निकलता है. बाजार में ऐसे साफ-सुथरे और चमकदार नेनुआ की मांग हमेशा ज्यादा रहती है जिससे आपको मंडी में अच्छे दाम मिलते हैं.
- मचान की वजह से फसल में हवा और धूप अच्छी तरह लगती है जिससे बीमारियां बहुत कम आती हैं.
- जमीन खाली रहने की वजह से आप नीचे की जगह में धनिया या मिर्च जैसी दूसरी छोटी फसलें भी उगा सकते हैं.
एक बार मचान बनाने में मेहनत जरूर लगती है. लेकिन इससे पैदावार की मात्रा और बाजार में उसकी कीमत दोनों बढ़ जाती.
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महज 50 दिन में आने लगेंगे पैसे
नेनुआ की सबसे अच्छी बात यह है कि यह आपको कमाई के लिए लंबा इंतजार नहीं करवाता है. अगर आप इसकी बुवाई सही समय पर जैसे फरवरी के आसपास करते हैं. तो मात्र 45 से 50 दिनों के भीतर आपकी पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. यह उन किसानों के लिए सबसे अच्छा है जो ऐसी फसल चाहते हैं जिससे घर में पैसे का आना लगातार बना रहे. एक बार तुड़ाई शुरू हो गई तो आप करीब तीन महीनों तक इसे मंडी ले जाकर बेच सकते हैं और अपनी जेब भर सकते हैं.
- कम समय में फसल तैयार होने से किसान का खर्च जल्दी निकल आता है और जोखिम कम रहता है.
- लगातार 90 दिनों तक फल मिलने से हर दूसरे-तीसरे दिन मंडी से पैसा घर आता रहता है.
सही समय पर बुवाई और समय पर खाद-पानी देने से यह फसल कम मेहनत में अधिक फल देने वाला सौदा बन जाती है.
50 हजार लगाकर 2.5 लाख की कमाई
अगर आप एक एकड़ में मचान बनाकर खेती करते हैं तो बीज, खाद और मचान के सामान का कुल खर्च करीब 50 हजार रुपये के आसपास आता है. इस तरीके से एक एकड़ जमीन में लगभग 100 से 130 क्विंटल तक की जबरदस्त पैदावार मिल सकती है. मंडी में भाव चाहे जो भी हो अगर हम इसे कम से कम 25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भी जोड़ें तो आपकी कुल आमदनी ढाई लाख रुपये तक पहुंच जाती है.
- एक एकड़ से मिलने वाला 130 क्विंटल का उत्पादन पुराने तरीकों के मुकाबले बहुत ज्यादा है.
- न्यूनतम दाम मिलने पर भी किसान को अपनी कुल लागत का सीधा 5 गुना फायदा मिल जाता है.
बस आपको सिंचाई और पत्तों में लगने वाले कीड़ों का ध्यान रखना है. फिर आपकी मेहनत को बड़ी कमाई में बदलने से कोई नहीं रोक सकता.
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