Thursday, July 2, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारक्या है मिनी नंदिनी योजना, डेयरी बिजनेस शुरू करने के लिए इसमें...

क्या है मिनी नंदिनी योजना, डेयरी बिजनेस शुरू करने के लिए इसमें कैसे ले सकते हैं सब्सिडी?


इस योजना के तहत आपको साहीवाल, गीर, थारपारकर या गंगातीरी जैसी बेहतरीन नस्ल की कुल 25 दुधारू गायों की डेयरी यूनिट खोलनी होती है. सरकार ने इस पूरी यूनिट को सेटअप करने की कुल अनुमानित लागत लगभग 23 लाख 60 हजार रुपये तय की है. जिसमें से आपको मोटी सब्सिडी मिल जाती है.

इस योजना के तहत आपको साहीवाल, गीर, थारपारकर या गंगातीरी जैसी बेहतरीन नस्ल की कुल 25 दुधारू गायों की डेयरी यूनिट खोलनी होती है. सरकार ने इस पूरी यूनिट को सेटअप करने की कुल अनुमानित लागत लगभग 23 लाख 60 हजार रुपये तय की है. जिसमें से आपको मोटी सब्सिडी मिल जाती है.

अब बात करते हैं सबसे बड़े फायदे यानी सब्सिडी की जो कि पूरे 50 परसेंट तक दी जा रही है. इसका मतलब यह हुआ कि 23 लाख 60 हजार रुपये के कुल खर्चे पर आपको सरकार की तरफ से अधिकतम 11 लाख 80 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी. यह रकम आपकी जेब का बोझ काफी कम कर देगी.

अब बात करते हैं सबसे बड़े फायदे यानी सब्सिडी की जो कि पूरे 50 परसेंट तक दी जा रही है. इसका मतलब यह हुआ कि 23 लाख 60 हजार रुपये के कुल खर्चे पर आपको सरकार की तरफ से अधिकतम 11 लाख 80 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी. यह रकम आपकी जेब का बोझ काफी कम कर देगी.

इस सब्सिडी का पैसा आपको एक बार में नहीं बल्कि तीन अलग-अलग किस्तों में काम के प्रोग्रेस के हिसाब से मिलता है. पहली किस्त जमीन और शेड बनाने के समय, दूसरी किस्त गायों को खरीदने के वक्त और तीसरी किस्त बाकी बचे कामों को पूरा करने के बाद आपके बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर की जाती है.

इस सब्सिडी का पैसा आपको एक बार में नहीं बल्कि तीन अलग-अलग किस्तों में काम के प्रोग्रेस के हिसाब से मिलता है. पहली किस्त जमीन और शेड बनाने के समय, दूसरी किस्त गायों को खरीदने के वक्त और तीसरी किस्त बाकी बचे कामों को पूरा करने के बाद आपके बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर की जाती है.

इस कमाल की योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना सबसे पहली शर्त है. इसके अलावा आपके पास कम से कम 25 दुधारू पशुओं को रखने के लिए सही जगह और उनके हरे चारे के इंतजाम के लिए खुद की या लीज पर ली गई जमीन होनी चाहिए.

इस कमाल की योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना सबसे पहली शर्त है. इसके अलावा आपके पास कम से कम 25 दुधारू पशुओं को रखने के लिए सही जगह और उनके हरे चारे के इंतजाम के लिए खुद की या लीज पर ली गई जमीन होनी चाहिए.

अगर आप इसमें अप्लाई करना चाहते हैं. तो आपके पास आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और जमीन के दस्तावेज होने जरूरी हैं. आपको अपने जिले के मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी के ऑफिस में जाकर या सरकार के ऑफिशियल पोर्टल के जरिए इस स्कीम के लिए फॉर्म भरकर जमा करना होगा.

अगर आप इसमें अप्लाई करना चाहते हैं. तो आपके पास आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और जमीन के दस्तावेज होने जरूरी हैं. आपको अपने जिले के मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी के ऑफिस में जाकर या सरकार के ऑफिशियल पोर्टल के जरिए इस स्कीम के लिए फॉर्म भरकर जमा करना होगा.

कुल मिलाकर कहें तो अगर आपके पास डेयरी बिजनेस का थोड़ा बहुत भी एक्सपीरियंस है और आप बड़े लेवल पर काम शुरू करना चाहते हैं. तो मिनी नंदिनी योजना का फायदा जरूर उठाएं. यह स्कीम आपको एक कामयाब डेयरी बिजनेसमैन भी बनाएगी.

कुल मिलाकर कहें तो अगर आपके पास डेयरी बिजनेस का थोड़ा बहुत भी एक्सपीरियंस है और आप बड़े लेवल पर काम शुरू करना चाहते हैं. तो मिनी नंदिनी योजना का फायदा जरूर उठाएं. यह स्कीम आपको एक कामयाब डेयरी बिजनेसमैन भी बनाएगी.

Published at : 02 Jul 2026 03:42 PM (IST)

एग्रीकल्चर फोटो गैलरी



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments