PM Kusum Yojana: आज के दौर में खेती-किसानी में सबसे बड़ा खर्च सिंचाई का आता है. जहां हर महीने डीजल और भारी-भरकम बिजली बिल के चक्कर में किसानों का बजट बिगड़ जाता है. इसी बड़ी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत खेतों की सिंचाई का एक परमानेंट और बेहद शानदार जुगाड़ लेकर आई है.
इस योजना के जरिए किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए सरकार की तरफ से 60% तक की बंपर सब्सिडी दी जा रही है. यानी अब आपको सिंचाई के लिए न तो बिजली आने का इंतजार करना होगा और न ही महंगे डीजल पर पैसे फूंकने होंगे. जिससे लागत आधी रह जाएगी और सीधे तौर पर किसानों की बचत और मुनाफा दोनों दोगुना हो जाएगा. जानें कैसे ले सकते हैं इस योजना का लाभ.
किन किसानों को मिल रही है मदद?
पीएम कुसुम योजना का मुख्य मकसद देश के छोटे और सीमांत किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है. जिससे वे बिना किसी आर्थिक तंगी के समय पर अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें. इस सरकारी स्कीम के तहत अलग-अलग क्षमता के सोलर पंप जैसे 3 एचपी, 5 एचपी और 7.5 एचपी (हॉर्स पावर) तक के पंपों पर तगड़ी सब्सिडी दी जा रही है.
कितना कम हो जाएगा खर्च?
इस योजना में कुल खर्च का 60 फीसदी हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाती है. जबकि बाकी बचे 40% हिस्से में से सिर्फ 10% पैसा किसान को अपनी जेब से देना होता है और बाकी 30% राशि के लिए बैंक से आसान किश्तों पर लोन की सुविधा मिल जाती है. यानी थोड़ी सी रकम एडवांस जमा करके आप अपने खेत में सोलर पैनल और पंप का पूरा सेटअप हमेशा के लिए लगवा सकते हैं.
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इस तरह कर सकते हैं आवदेन
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने खेतों को हरा-भरा बनाना चाहते हैं. तो इसके आवेदन की प्रोसेस को काफी डिजिटल और आसान बना दिया गया है. इसके लिए आपको कहीं दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. बल्कि आप सीधे सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं.
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आवेदन करते समय आपके पास कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता पासबुक और एक एक्टिव मोबाइल नंबर होना बेहद जरूरी है. ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आपको अपनी पूरी डिटेल्स और जमीन की जानकारी भरनी होगी. जिसके बाद कृषि विभाग की टीम आपके दस्तावेजों की जांच करेगी और पात्रता सही पाए जाने पर आपके नाम पर सोलर पंप की मंजूरी दे दी जाएगी.
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