PM Kusum Yojana: केंद्र सरकार देश के किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाती है. जिनका लाभ देश के करोड़ों किसानों को मिलता है. इन्हीं में से एक बेहद लाभकारी योजना है पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM) इस स्कीम को खास तौर पर उन किसान भाइयों के लिए डिजाइन किया गया है. जो सिंचाई के लिए महंगी बिजली या डीजल पर निर्भर हैं.
खेती की लागत को कम करना और किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना. इस योजना के जरिए अब खेतों में सूरज की रोशनी से पंप चलेंगे. जिससे न केवल सिंचाई आसान होगी. बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा.
90% तक की भारी सब्सिडी
पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगवाना अब बहुत ही सस्ता और आसान हो गया है. इस योजना का सबसे शानदार पहलू इसका फंडिंग स्ट्रक्चर है. कुल खर्च का 30% हिस्सा केंद्र सरकार देती है और 30% हिस्सा राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में मिलता है. बाकी बचे 40% में से 30% तक का लोन आपको बैंक से बहुत ही आसान शर्तों पर मिल जाता है.
यानी किसान भाई को अपनी जेब से सिर्फ 10% रकम ही शुरुआती तौर पर लगानी पड़ती है. इस तरह मामूली निवेश में आप अपने खेत में एक पावरफुल सोलर सिस्टम खड़ा कर सकते हैं, जो सालों-साल बिना किसी अतिरिक्त खर्चे के आपके खेतों की प्यास बुझाएगा.
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बिजली के बिल और डीजल के खर्च से छुट्टी
अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली की सप्लाई अनिश्चित होती है या फिर रात के वक्त पानी चलाना पड़ता है. जिससे किसानों को काफी परेशानी होती है. सोलर पंप लगने के बाद आप सूरज की रोशनी का इस्तेमाल कर दिन में कभी भी सिंचाई कर सकते हैं. इससे न सिर्फ बिजली का बिल जीरो हो जाता है.
बल्कि डीजल पंप चलाने का झंझट भी खत्म हो जाता है. डीजल की बढ़ती कीमतें अक्सर किसान का मुनाफा खा जाती हैं. लेकिन सोलर पंप एक बार लगने के बाद लगभग फ्री में काम करता है. यह चलता-फिरता पावर प्लांट आपकी फसल की सुरक्षा के साथ-साथ आपकी बचत को भी दोगुना कर देता है.
बंजर जमीन से भी होगी अब नोटों की बारिश
पीएम कुसुम योजना सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं है. बल्कि यह किसानों को ऊर्जा प्रदाता बनाने का विजन रखती है. अगर आपके पास ऐसी जमीन है जो बंजर है या जहां खेती नहीं हो पा रही, तो वहां आप सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा कर सकते हैं. इस बिजली को आप सरकारी ग्रिड को बेचकर हर महीने एक तय इनकम भी कमा सकते हैं.
यानी किसान अब सिर्फ अनाज ही नहीं. बल्कि बिजली भी पैदा करेगा और बेचेगा. आवेदन की प्रोसेस भी अब काफी डिजिटल और पारदर्शी हो गई है. आप विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जरूरी दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और इस मॉडर्न खेती का हिस्सा बन सकते हैं.
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