Friday, April 24, 2026
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खेत में है नीलगाय का आतंक, ये काम करें किसान


Safety From Nilgai: खेतों में नीलगाय और आवारा पशुओं का आतंक किसानों के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुका है. महीनों की कड़ी मेहनत और भारी लागत से तैयार फसल को ये जानवर चंद घंटों में चरकर बर्बाद कर देते हैं. फेंसिंग और कटीले तारों का खर्च इतना ज्यादा होता है कि हर किसान के लिए इसे लगवाना मुमकिन नहीं होता.

ऐसे में अब किसान कुछ ऐसे देसी जुगाड़ अपना रहे हैं, जो बिना किसी बड़े खर्च के फसलों की सुरक्षा की गारंटी देते हैं. इस नई तकनीक में आपको जानवरों को चोट पहुंचाने की जरूरत नहीं है. जान लीजिए कैसे बस एक काम से आप नीलगाय को अपने खेत से दूर रख सकते हैं.

खेत की मेड़ों पर लगाएं कटीली फसलें

नीलगाय को खेत के अंदर घुसने से रोकने का सबसे स्मार्ट तरीका यह है कि आप अपने मुख्य खेत की मेड़ों यानी किनारों पर ऐसी फसलें लगाएं जो उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आतीं. करौंदा, कैथा या नींबू जैसे कटीले पौधों की बाड़ एक प्राकृतिक दीवार का काम करती है. इसके अलावा, मेड़ों पर मेंथा, लेमन ग्रास या खस जैसी खुशबूदार फसलें उगाने से इनकी तेज गंध जानवरों को खेत से दूर रखती है.

चूंकि नीलगाय को इन फसलों का स्वाद और गंध पसंद नहीं होती. इसलिए वे आपके खेत की ओर रुख ही नहीं करते. यह तरीका न केवल आपकी फसल बचाता है. बल्कि किनारों पर लगी इन फसलों से आपको अलग से मुनाफा भी मिल जाता है.

यह भी पढ़ें: इस जुगाड़ से एक खेत में उगा सकते हैं दो फसल, होगी तगड़ी कमाई

देसी तरीके से छिड़काव 

जानवरों को दूर रखने के लिए कुछ ऐसे घोल तैयार किए जा सकते हैं जिनकी गंध से वे खेत के पास फटकना भी पसंद नहीं करते. नीम का तेल, गोबर और गौमूत्र का मिक्स्चर बनाकर मेड़ों पर छिड़कना एक बहुत ही कारगर और सस्ता तरीका है. इसकी तेज गंध नीलगाय की नाक के लिए काफी बुरी होती है.

इसके अलावा खेत के चारों ओर खंभों पर पुराने मोजे या कपड़े बांधकर उनमें फिनाइल या मिट्टी का तेल डालने से भी जानवर दूर रहते हैं. यह देसी जुगाड़ बिना किसी बड़े तामझाम के काम करता है और आपकी मेहनत से उगाई गई फसल को पूरी तरह सुरक्षित रखने में मददगार साबित होता है.

बचाव के दूसरे तरीके

अगर आप तारों की फेंसिंग पर पैसा खर्च नहीं करना चाहते. तो पुराने साड़ियों या चमकदार रंग की प्लास्टिक की पट्टियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. हवा चलने पर जब ये पट्टियां हिलती हैं और आवाज करती हैं. तो जानवरों को खेत में किसी के होने का अहसास होता है और वे डरकर भाग जाते हैं. तो रात में बजने वाले हल्के अलार्म भी नीलगाय के आतंक को कम करने में काफी प्रभावी होते हैं. 

यह भी पढ़ें: 10000 रुपये में कौन-कौन सी खेती कर सकते हैं किसान, जान लें काम की बात



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