Sunday, April 19, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारगेहूं की फसल बोई थी तो 30 अप्रैल तक ये काम जरूर...

गेहूं की फसल बोई थी तो 30 अप्रैल तक ये काम जरूर कर लें किसान, IIWBR ने दी सलाह


Wheat Crop Tips: गेहूं की खेती अब अपने आखिरी और सबसे अहम पड़ाव पर है. रबी सीजन की कड़ी मेहनत का फल घर लाने का वक्त आ गया है, लेकिन थोड़ी सी भी लापरवाही आपकी पूरी सीजन की कमाई पर पानी फेर सकती है. भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR) करनाल ने किसानों के लिए एक खास एडवाइजरी जारी की है. जिसमें 30 अप्रैल तक कुछ जरूरी काम निपटाने को कहा गया है. 

दरअसल इस समय मौसम का मिजाज काफी बदल रहा है. कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं अचानक बारिश का डर बना हुआ है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका अनाज सुरक्षित रहे और उसकी चमक बरकरार रहे. तो वैज्ञानिक सलाह को मानना ही समझदारी है. सही समय पर लिए गए ये फैसले न केवल आपकी फसल को बचाएंगे. बल्कि आपको मार्केट में बेहतर दाम दिलाने में भी मदद करेंगे.

कटाई में बरतें सावधानी 

IIWBR की सलाह है कि गेहूं की कटाई तभी शुरू करें जब फसल पूरी तरह पक जाए. इस स्टेज पर फसल में सिंचाई बिल्कुल न करें. वरना दानों की क्वालिटी खराब हो सकती है. जिन किसानों की फसल तेज हवा या बारिश की वजह से गिर गई है. 

उन्हें सलाह दी गई है कि वे उस हिस्से की कटाई सबसे पहले करें जिससे जमीन की नमी से दाने काले न पड़ें. कटाई के बाद फसल को खेत में ज्यादा देर खुला न छोड़ें. क्योंकि अचानक होने वाली बारिश अनाज की चमक फीकी कर सकती है. फसल को सुरक्षित जगह पर ले जाकर ही आगे की प्रोसेस पूरी करना बेहतर रहेगा.

यह भी पढ़ें: किसानों को मालामाल कर देगी स्वीट कॉर्न की खेती, जानें कैसे कमाएं मक्के से 3 गुना दाम

भंडारण के समय नमी न आने दें

फसल कटने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसे सुरक्षित स्टोर करने की होती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं को स्टोर करने से पहले उसे अच्छी तरह धूप में सुखाना बहुत जरूरी है. भंडारण के समय अनाज में नमी का स्तर 12 से 13 प्रतिशत के बीच ही होना चाहिए. अगर आप बीज के लिए गेहूं रख रहे हैं. 

तो नमी 10 प्रतिशत से भी कम होनी चाहिए. भंडारण वाली जगह बोरियों और गोदाम को पहले से साफ कर लें और उन्हें धूप दिखाकर पूरी तरह कीट मुक्त बना लें. याद रखें नया अनाज कभी भी पुराने स्टॉक के साथ मिलाकर न रखें. इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता.

इन बातों का रखें ध्यान

  • स्टोर किए गए अनाज को घुन और दूसरे कीटों से बचाने के लिए एल्युमिनियम फॉस्फाइड का इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • खाली बोरियों पर मेलाथियान या डेल्टामेथ्रिन के घोल का छिड़काव करना भी एक असरदार तरीका है.
  • कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों या नरवाई को बिल्कुल न जलाएं क्योंकि इन्हें मिट्टी में मिला देने से जमीन की ताकत बढ़ती है.
  • अगर मुमकिन हो तो गेहूं के तुरंत बाद मूंग या उड़द जैसी दलहनी फसलें लगाएं. जिससे अगली फसल के लिए खेत को कुदरती नाइट्रोजन मिल सके.
  • इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी मेहनत को सुरक्षित रख सकते हैं और अपनी मिट्टी की सेहत भी सुधार सकते हैं.

यह भी पढ़ें: अपने किचन गार्डन में ऐसे उगाएं बीन्स, खत्म हो जाएगी सलाद से लेकर सब्जी तक की टेंशन



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments