Monday, April 20, 2026
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घर की क्यारी में ऐसे करें पपीते की खेती, बाजार से खरीदने की नहीं पड़ेगी जरूरत


Papaya Cultivation Tips: देश में ऐसे बहुत से किसान और गार्डनिंग के शौकीन लोग हैं जो अपने घर की खाली जगह या क्यारियों में कई तरह के फल और सब्जियां उगाते हैं. पपीता उगाना इसी कड़ी में एक बेहतरीन फैसला है क्योंकि यह न केवल आसान है. बल्कि आपकी सेहत और जेब दोनों के लिए फायदे का सौदा है. बाजार में मिलने वाले पपीते अक्सर केमिकल से पकाए जाते हैं. जो घर के नेचुरल पपीते का मुकाबला नहीं कर सकते.

पपीता एक ऐसी फसल है जिसे बहुत कम जगह और कम संसाधनों में भी आराम से उगाया जा सकता है. बस आपको सही तकनीक अच्छी किस्म के बीज चाहिए. आजकल लोग छतों और बालकनी में बड़े गमलों का इस्तेमाल करके भी पपीते की शानदार पैदावार ले रहे हैं. घर का उगाया हुआ पपीता एकदम फ्रेश और पोषक तत्वों से भरपूर होता है.

ऐसे उगाएं घर में पपीता

पपीते की अच्छी ग्रोथ के लिए सबसे पहले आपको सही मिट्टी तैयार करनी होगी. क्योंकि इसके पौधे को जलभराव बिल्कुल पसंद नहीं है. इसके लिए आप 50% सामान्य मिट्टी में 30% गोबर की खाद और 20% रेत या कोकोपीट मिलाकर एक उपजाऊ मिक्स तैयार कर सकते हैं. बीजों की बात करें तो रेड लेडी 786 जैसी उन्नत किस्में घर के लिए बेस्ट हैं.

क्योंकि इनका कद छोटा होता है और पैदावार ज्यादा मिलती है. बीजों को सीधे जमीन में लगाने के बजाय नर्सरी ट्रे या छोटे कप में अंकुरित करना बेहतर रहता है. जब पौधा करीब 6-8 इंच का हो जाए, तब उसे शाम के समय मुख्य क्यारी या बड़े गमले में शिफ्ट करें.

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धूप, पानी और खाद का बैलेंस रखें

पपीता एक सन-लविंग प्लांट है. इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं जहां दिन भर की भरपूर धूप मिलती हो. सर्दियों के दौरान इसे पाले से बचाना बहुत जरूरी है. वरना पौधा खराब हो सकता है. सिंचाई करते समय ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी रहे पर पानी जमा न हो. क्योंकि ज्यादा पानी से इसकी जड़ें बहुत जल्दी गलने लगती हैं.

पौधे को हर 15-20 दिन में थोड़ी सी ऑर्गेनिक खाद या वर्मीकंपोस्ट देते रहें ताकि उसे जरूरी न्यूट्रिशन मिलता रहे. अगर आप गमले में लगा रहे हैं. तो कम से कम 15 से 20 इंच गहरा ड्रम या गमला इस्तेमाल करें जिसमें ड्रेनेज होल अच्छे हों.

बीमारियों से बचाव 

पपीते के पौधों में अक्सर रस चूसने वाले कीट या पत्तों के मुड़ने की समस्या देखी जाती है. जिससे बचने के लिए नीम के तेल का स्प्रे सबसे असरदार है. 5 लीटर पानी में 50 मिली नीम का तेल और थोड़ा सा लिक्विड सोप मिलाकर छिड़काव करने से कीड़े दूर रहते हैं.

हार्वेस्टिंग का समय

अच्छी देखभाल मिलने पर पपीते का पौधा 6 से 10 महीने के भीतर फल देना शुरू कर देता है. जब फल का रंग हल्का पीला पड़ने लगे. तभी उसे पेड़ से तोड़ना चाहिए ताकि वह घर पर अच्छे से पक सके. एक स्वस्थ पौधा साल भर में आपको काफी मात्रा में फल दे सकता है. जिससे आपको बाजार के पपीते की जरूरत नहीं रह जाएगी.

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