Friday, May 29, 2026
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घर के गमले में आसानी से उगाएं कीमती अंजीर, गर्मियों की इस स्पेशल केयर से मिलेगा डबल फल


Growing Figs In Pot: अंजीर एक ऐसा शानदार और बेहद सेहतमंद फल है. जिसे आप अपने घर की छोटी सी बालकनी या छत पर भी बहुत आसानी से उगा सकते हैं. वैसे तो अंजीर बड़े पेड़ों पर लगती है. लेकिन सही साइज का गमला और सही वैरायटी चुनकर आप इसे अपने होम गार्डन का हिस्सा बना सकते हैं. आजकल मार्केट में अंजीर की कीमत काफी ज्यादा होती है. 

ऐसे में घर का आर्गेनिक अंजीर खाने का मजा ही कुछ और है. यह पौधा दिखने में जितना खूबसूरत लगता है. इसके फल सेहत के लिए उतने ही लाजवाब होते हैं. गर्मियों के मौसम में अगर इस पौधे की थोड़ी सी एक्स्ट्रा केयर कर दी जाए तो इसकी ग्रोथ डबल स्पीड से होने लगती है. चलिए आपको बताते हैं कि कम जगह में इस कीमती फल को गमले में उगाने का सही तरीका क्या है.

गमले में अंजीर का पौधा लगाने का सही तरीका 

घर में अंजीर उगाने के लिए सबसे पहले आपको कम से कम 12 से 14 इंच का बड़ा गमला चुनना चाहिए. जिसमें पानी निकलने के लिए अच्छे ड्रेनेज होल हों. मिट्टी तैयार करते समय 50% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% गोबर की खाद या केंचुआ खाद और 20% रेत या कोकोपीट मिलाएं जिससे मिट्टी एकदम भुरभुरी और हवादार बने. 

यह वैरायटी ही लेकर आएं

नर्सरी से हमेशा अंजीर की ब्राउन तुर्की या ब्लैक मिशन जैसी हाइब्रिज वैरायटी का ग्राफ्टेड पौधा ही लाएं. क्योंकि इन पौधों में बहुत जल्दी और भरपूर फल आने लगते हैं. पौधा लगाने के बाद गमले को अपने घर की ऐसी जगह पर शिफ्ट कर दें जहां दिनभर में कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी और सीधी धूप बहुत आसानी से आती हो.

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गर्मी में पानी का रखें खास ख्याल

तेज गर्मी के मौसम में अंजीर के पौधे को सूखने से बचाने और डबल फल पाने के लिए इसकी वाटरिंग का खास ध्यान रखना पड़ता है. गर्मियों में गमले की मिट्टी बहुत जल्दी सूख जाती है. इसलिए सुबह या शाम के वक्त इसमें रेगुलर पानी दें लेकिन ध्यान रहे कि गमले में पानी जमा न होने पाए. 

मल्चिंग और प्रूनिंग करते रहें

पौधे को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए आप मल्चिंग तकनीक अपना सकते हैं यानी मिट्टी के ऊपर सूखी पत्तियां या कंकड़ बिछा दें जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहेगी. हर 20 से 25 दिनों में पौधे की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करके थोड़ी सी आर्गेनिक खाद जरूर डालें. जब पौधा बड़ा होने लगे तो उसकी सूखी टहनियों की समय-समय पर प्रूनिंग यानी कटाई-छंटाई करते रहें जिससे नए कल्ले फूटें और आपका पौधा फलों से पूरी तरह लद जाए.

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