Farming Tips: मानसून का मौसम कई सब्जियों की खेती के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. अगर किसान कम लागत में ऐसी फसल लगाना चाहते हैं. जिसकी बाजार में अच्छी मांग हो और जो बेहतर कमाई का मौका दे सके. तो परवल एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है. परवल एक ऐसी हरी सब्जी है जिसकी मांग बाजारों में पूरे साल बनी रहती है.
लेकिन जुलाई में इसकी बुवाई करने का फायदा यह है कि इसे सही मात्रा में प्राकृतिक पानी मिल जाता है. जिससे पौधों का विकास बहुत तेजी से होता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस खेती में शुरुआती लागत बहुत ही कम आती है और एक बार फसल तैयार होने के बाद बाजार में इसके बेहद शानदार दाम मिलते हैं.
सिर्फ 3 महीने की मेहनत में अच्छा मुनाफा
परवल की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बुवाई के महज 90 दिनों के भीतर यानी करीब 3 महीने में पूरी तरह तैयार होकर फल देना शुरू कर देती है. जुलाई में लगाई गई फसल जब अक्टूबर-नवंबर के आस-पास मार्केट में पहुंचती है. तो उस समय त्योहारों का सीजन होने के चलते हरी सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर होते हैं.
ऐसे में किसानों को परवल का थोक भाव भी बेहद अच्छा मिलता है. परवल के पौधों की लाइफ लंबी होती है. जिससे एक बार लगाने के बाद आप इससे कई महीनों तक लगातार तुड़ाई करके मोटी कमाई कर सकते हैं. कम समय में यह फसल किसानों की जेब को पूरी तरह से नोटों से भर देती है.
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परवल की खेती में इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप परवल की खेती से सबसे ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी एग्रो-टिप्स का ध्यान रखना होगा. सबसे पहले तो अपने खेत में जल निकासी का ऐसा इंतजाम रखें कि बारिश का पानी कहीं भी जमा न होने पाए. क्योंकि ज्यादा पानी से परवल की जड़ें गल सकती हैं.
परवल की बुवाई के लिए हमेशा अच्छी नर्सरी से लाए गए ग्राफ्टेड पौधों या कटिंग का ही इस्तेमाल करें. चूंकि यह एक बेल वाली फसल है. इसलिए पौधों को मचान पर चढ़ाएं. इससे फल जमीन की कीचड़ और नमी से बचे रहते हैं. जिससे उनकी क्वालिटी एकदम चमकीली और लाजवाब होती है और मंडी में देखते ही बिक जाती है.
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