Saturday, July 25, 2026
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न जाऊंगी लोकभवन, न ही दूंगी इस्तीफा; बंगाल में अब ममता बनर्जी ने छेड़ी नई रार, ऐसा देश में पहली बार, National Hindi News


New Controversy in Bengal: ममता के इस बयान के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में नई चर्चा छिड़ गई है कि वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी या फिर मुख्यमंत्री पद से ही इस्तीफा नहीं देगीं।

New Controversy in Bengal: तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद नई रार छेड़ दी है। उन्होंने दो टूक लहजे में कहा है कि वह लोकभवन नहीं जाएंगी और न ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगी। उन्होंने कहा कि चुनावों में उनकी नैतिक तौर पर जीत हुई है। उनके इस बयान के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में नई चर्चा छिड़ गई है कि वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी या फिर मुख्यमंत्री पद से ही इस्तीफा नहीं देगीं। उन्होंने अपने बयान से भी यह संदेह पैदा किया है। जब उनसे पूछा गया कि इस्तीफा कब दे रही हैं तो उन्होंने तपाक से कहा, “मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी।”

कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं, मैं राजभवन नहीं जाऊंगी… इसका सवाल ही नहीं उठता। नहीं। अब, मैं यह भी कहना चाहती हूं कि हम चुनाव नहीं हारे हैं। यह हमें हराने की उनकी कोशिश है। आधिकारिक तौर पर, चुनाव आयोग के जरिए, वे हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर हम चुनाव जीत गए हैं।” ममता ने दावा किया कि यह चुनाव परिणाम जनता का वास्तविक जनादेश नहीं, बल्कि एक साजिश का नतीजा है।

इस लड़ाई में इंडिया अलायंस भी साथ

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि इस लड़ाई में उनके साथ इंडिया अलायंस के भी साथी हैं। उन्होंने कहा, “सोनिया जी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन ने मुझे फोन किया। INDIA गठबंधन के सभी सहयोगियों ने मुझसे कहा कि वे पूरी तरह से और बिल्कुल मेरे साथ हैं। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मज़बूत होगी।” ममता बनर्जी ने आगे कहा, “अखिलेश यादव ने मुझसे पूछा कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कल आने को कहा है। तो, वह कल आएंगे। एक-एक करके सब आएंगे।”

मैं एक आजाद पंछी हूं

तृणमूल नेता ने कहा, “मेरा लक्ष्य बहुत साफ है। मैं INDIA टीम को मज़बूत करूंगी, ठीक एक आम इंसान की तरह। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम नागरिक हूं। तो, आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं आपकी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। अब मैं एक आजाद पंछी हूं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी, इन 15 सालों में भी मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला है। मैं सैलरी का भी एक पैसा नहीं ले रही हूं। लेकिन अब, मैं एक आजाद पंछी हूं। इसलिए, मुझे कुछ काम करना है, और मैं उसे कर लूंगी।”

देश के इतिहास में यह पहला मौका

बता दें कि देश के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कोई मुख्यमंत्री विधानसभा चुनावों में हार के बाद अपने पद से इस्तीफा देने से ही इनकार कर रहा है। चुनाव नतीजों के बाद कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा कि उनकी पार्टी चुनाव हारी नहीं है बल्कि हराई गई है। उन्होंने कहा, हम हारे नहीं बल्कि हमें हराया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि ये लड़ाई भाजपा से नहीं थी बल्कि चुनाव आयोग से थी।

चुनाव आयोग ही सबसे बड़ा विलेन

ममता ने ये भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के इस खेल में चुनाव आयोग ही सबसे बड़ा विलेन है, जिसने एकतरफा काम किया। उन्होंने कहा कि ये बांग्ला का काला इतिहास है। इसके साथ ही टीएमसी चीफ ने कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी लेकिन उन्होंने अभी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि TMC दफ्तर को घेरने और उस पर कब्जा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने मतगणना केंद्र पर मारपीट करने के भी आरोप लगाए और कहा कि उन्हें काउंटिंग सेंटर में घुसने नहीं दिया गया।



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