Monday, July 20, 2026
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पपीते की अच्छी पैदावार चाहते हैं, तो मानसून में चुनें यह उन्नत वैरायटी


Papaya Farming Tips: पपीते की खेती में सबसे बड़ी चुनौती सही समय पर सही किस्म का चुनाव करना है और मानसून का यह मौसम किसानों के लिए सबसे बड़ा मौका लेकर आया है. अमूमन देखा जाता है कि लोग बिना सोचे-समझे किसी भी वैरायटी के पौधे लगा देते हैं. जिससे बाद में फल कम आते हैं या बीमारियां पूरी फसल को बर्बाद कर देती हैं. लेकिन अगर इस बार इस खास एडवांस किस्म को चुना जाए. 

तो मुनाफे के सारे पिछले रिकॉर्ड टूट सकते हैं. यह सीजन पपीते के पौधों की ग्रोथ के लिए बेहद शानदार माना जाता है, बशर्ते आपके पास एक ऐसी वैरायटी हो जो बारिश के मिजाज को अच्छे से झेल सके. इसी बात को ध्यान में रखकर कृषि एक्सपर्ट्स ने एक खास किस्म की सिफारिश की है. जो बंपर पैदावार देने के लिए जानी जाती है.

इस वैरायटी के एक पेड़ से मिलेंगे 100 किलो तक फल

पपीते की जिस उन्नत किस्म की आजकल सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. उसका नाम है रेड ग्लो मानसून के मौसम में रोपाई के लिए यह वैरायटी सबसे बेस्ट मानी जाती है क्योंकि इसमें बीमारियों और जलभराव को झेलने की गजब की क्षमता होती है. इस किस्म की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसका एक ही पौधा सही देखरेख मिलने पर 100 किलोग्राम तक फल आसानी से दे सकता है. 

इसके फल साइज में बड़े, दिखने में बेहद आकर्षक और स्वाद में बेहद मीठे होते हैं. जिसकी वजह से मार्केट में इनकी डिमांड हमेशा हाई रहती है. अगर इसके ओरिजिनल और सर्टिफाइड बीज खरीदने हैं. तो किसी भी रजिस्टर्ड सरकारी कृषि केंद्र या भरोसेमंद प्राइवेट सीड वेंडर से संपर्क किया जा सकता है.

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मानसून में ऐसे रखें ख्याल

पपीते की इस बेहतरीन वैरायटी से पूरा मुनाफा लेने के लिए आपको रोपाई के समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा. सबसे पहले तो अपने खेत में पानी निकलने का ऐसा इंतजाम करें कि बारिश का पानी पौधों की जड़ों के पास बिल्कुल न रुके. क्योंकि पपीते के पौधे सबसे जल्दी जलभराव की वजह से गलकर खराब होते हैं.

रोपाई के लिए उठी हुई क्यारियां या बेड तैयार करें और हर गड्ढे में अच्छी सड़ चुकी गोबर की खाद या केंचुआ खाद जरूर मिलाएं. शुरुआती दिनों में पौधों को फंगस और कीटों के अटैक से बचाने के लिए नीम के तेल या हल्के फंगीसाइड का इस्तेमाल करें. सही दूरी और सही मैनेजमेंट के साथ की गई यह शुरुआत आपकी फसल को सुपरहिट बना देगी.

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